फ्रांस-पराग्वे के खिलाड़ी भिड़े: हुई धक्का-मुक्की; एमबाप्पे ने गोलकीपर से नहीं मिलाया हाथ, तो पीठ पर मारी गेंद
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फ्रांस और पराग्वे के बीच राउंड ऑफ-16 मुकाबले की आखिरी सीटी बजते ही मैदान पर माहौल गर्म हो गया। दोनों टीमों के खिलाड़ी आमने-सामने आ गए और कुछ देर तक धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। मैच के दौरान ही फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे और पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल के बीच भी तनातनी हो गई। एमबाप्पे ने गिल से हाथ नहीं मिलाया, जिसके बाद नाराज गोलकीपर ने उनके जाते समय पीठ पर मैच बॉल फेंक दी। हालांकि, फ्रांसीसी स्टार ने पलटकर कोई जवाब नहीं दिया और अपनी टीम के साथ जीत का जश्न मनाते रहे।
एमबाप्पे के पेनल्टी गोल से फ्रांस की जीत
- मैच में दोनों टीमों के बीच 70 मिनट तक कड़ी टक्कर देखने को मिली। मैच के दौरान कई ऐसे पल आए, जब दोनों टीमों के खिलाड़ी भिड़ने पर आ गए। पर एक वक्त एमबाप्पे की लड़ाई पराग्वे के डिएगो गोमेज से हो गई।
- इसके बाद पराग्वे के खिलाड़ी एमबाप्पे को धक्का देने लगे। इस पर फ्रांस के खिलाड़ी भी पहुंच गए और जमकर धक्का मुक्की हुई। रेफरी पहले तो बीचबचाव करते हुए एमबाप्पे को साइड ले जाते दिखे, फिर जब दोनों टीमों के खिलाड़ी आ गए तो रेफरी ने किनारा कर लिया।
- पराग्वे ने मजबूत डिफेंस के दम पर फ्रांस के स्टार खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। आखिरकार 70वें मिनट में डिजायर डुए बॉक्स के अंदर फाउल हुए। रेफरी ने पहले खेल जारी रखा, लेकिन वीएआर समीक्षा के बाद फ्रांस को पेनल्टी दी गई।
- एमबाप्पे ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल में पहुंचाया और यही गोल फ्रांस की 1-0 की जीत का आधार बना। यह टूर्नामेंट में उनका सातवां और विश्व कप करियर का 19वां गोल रहा। इसके साथ ही वह गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेसी की बराबरी पर पहुंच गए।
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मैच के बाद बढ़ा विवाद, गिल ने फेंकी गेंद
अंतिम सीटी बजने के बाद ऑरलैंडो गिल एमबाप्पे को बधाई देने के लिए उनके पास पहुंचे और हाथ मिलाने की कोशिश की। लेकिन एमबाप्पे ने उन्हें नजरअंदाज करते हुए आगे बढ़ना जारी रखा। इससे गिल नाराज हो गए और उन्होंने गुस्से में मैच बॉल एमबाप्पे की पीठ की ओर फेंक दी। गेंद लगने के बावजूद एमबाप्पे ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जिससे मामला ज्यादा नहीं बढ़ा। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और मैच के बाद चर्चा का बड़ा विषय बन गई।
'जरूरत पड़ी तो बदसूरत फुटबॉल भी खेलेंगे' : एमबाप्पे
मैच के बाद एमबाप्पे ने कहा कि फ्रांस पहले से जानता था कि मुकाबला आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'हमें पता था कि मैच किस तरह का होने वाला है। अगर जरूरत पड़ी तो हम अपने हाथ भी गंदे करेंगे। हम बदसूरत फुटबॉल भी खेल सकते हैं। उन्हें लगा था कि हम सिर्फ खूबसूरत फुटबॉल खेलने आए हैं, लेकिन हम हर तरह का खेल खेलना जानते हैं। यही उनका खेलने का तरीका है। फुटबॉल में कोई सही या गलत तरीका नहीं होता, सिर्फ जीत मायने रखती है। उन्होंने हमें उसी अंदाज में हराने की कोशिश की, लेकिन हमने उन्हें उनके ही खेल में हरा दिया।' फ्रांस के मुख्य कोच दिदिएर डेशॉं ने भी माना कि दक्षिण अमेरिकी टीमों के खिलाफ खेलना हमेशा कठिन होता है और पराग्वे ने पूरे मैच में उनकी लय बिगाड़ने की कोशिश की।
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गोलकीपर ने मांगी माफी
मैच के बाद ऑरलैंडो गिल ने अपनी हरकत पर खेद जताया। उन्होंने कहा, 'मैं उन्हें बधाई देने के लिए हाथ बढ़ाने गया था, लेकिन उन्होंने मेरी तरफ ध्यान नहीं दिया, जैसे मैं वहां था ही नहीं। उस पल मैं गुस्से और भावनाओं में बह गया। इसके अलावा कुछ नहीं हुआ। बाद में मैं शांत हो गया और सिर्फ उन्हें बधाई देना चाहता था।' गिल ने यह भी कहा कि अगर फ्रांस को पेनल्टी नहीं मिलती तो शायद उनकी टीम मुकाबले को किसी और दिशा में ले जा सकती थी। अब फ्रांस का सामना क्वार्टर फाइनल में मोरक्को से होगा, जबकि पराग्वे का शानदार विश्व कप अभियान समाप्त हो गया।