Arunachal में China के सैनिकों के कब्जे वाले दावे का सच लकी बिष्ट ने बताया, अफवाह या सच?

क्या अरुणाचल प्रदेश में चीनी आर्मी ने घुसपैठ की है? चीन की सेना ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया है। अरुणाचल प्रदेश में अतिक्रमण कर भारतीय इलाके के अंदर मिलिट्री कैंप बना लिए हैं। ऐसे दावे सोशल मीडिया पर किए जा रहे हैं। इसी पर पूर्व एजेंट लकीबिश ने खुलासा करते हुए कहा कि ग्राउंड लेवल पर ऐसा कुछ नहीं है। ये सारी अफवाहें सोशल मीडिया पर उड़ाई जा रही हैं। चीनी सेना के घुसने और कब्जे का पूरा मामला आखिर है क्या? और इंडियन आर्मी ने अरुणाचल में चीनी आर्मी के घुसने। और कैंप लगाने के दावों को लेकर कौन कौन सी बड़ी बातें बताई हैं, सब कुछ आपको बताएंगे। पहले आप लकी बिष्ट को सुनिए। इस समय हर सोशल मीडिया पर यार एक ही न्यूज़ चल रही है कि क्या सच में अरुणाचल प्रदेश के अंदर जो चाइनीज आर्मी है, पीएलए और 60 किलोमीटर तक अंदर आके कब्जा कर लिया है? तो मैं आपको इसी बारे में बताना चाहता हूँ कि ग्राउंड के अंदर ऐसा कुछ भी नहीं है। प्लीज़ ये सिर्फ एक अफवाह है। अरुणाचल प्रदेश का एक अपर सुब्रत श्री वहाँ से एक इन्फॉर्मेशन आई स्टार्टिंग में, जो लोकल ग्रामीण है। उन्होंने बोला कि चाइनीज आर्मी अंदर आई है। अक्चवली क्या होता है? आप सबको पता है कि भारत और जो चाइना का इलाका है लगभग 1126 किलोमीटर अरुणाचल प्रदेश का बॉर्डर लगता है। ये लाइन अक्चवल कंट्रोल है। ऐसा है नहीं कि यहाँ पूरे में तार बेड़ा लगा हुआ है। 1962 वॉर के बाद आप सबको पता है कि ये डिसाइड हुआ था। जो जगह जिसके पास है उसके कंट्रोल में रहेंगी तो? पेट्रोलिंग करती है। दोनों देशों की आर्मी हमारी फौज भी जाती है, पेट्रोलिंग करने के लिए उनकी भी आती है पेट्रोलिंग करने के लिए जैसे मैंने आपको स्टार्टिंग में बताया कि यार तार लगा नहीं है, फेन्सिंग नहीं है, दीवारें नहीं हैं तो कई बार क्या होता है? फौज बिल्कुल नजदीक तक आ जाती है तो यही क्या हुआ? वहाँ से एक अफवाह उड़ी। शायद कुछ एक चाइना की जो आर्मी में आई थी। पेट्रोलिंग करते हुए। उनकी जो फोटोस है उनको वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया तो मैं सिर्फ ये बोल रहा हूँ की वो ओनली पेट्रोलिंग थी। ऐसा नहीं है की चाइना की आर्मी ने अरुणाचल प्रदेश के अंदर हमारी जमीन को कब्जा किया है तो प्लीज़ सोशल मीडिया में ऐसी जो भी अफवाहें हो रही है, इन चीजों से आप प्लीज़ बचो, ग्राउंड में मैं आपसे कह रहा हूँ, ऐसा कुछ नहीं है, बिल्कुल हमारी फौज। बॉर्डर पर लगी हुई है और पूरा अरुणाचल प्रदेश। हमारे कंट्रोल में अब सोशल मीडिया हम उसको जैसे दिखाना चाहे वो लोगों की मर्जी। चीन ने भारत के अरुणाचल में 60 किलोमीटर अंदर तक कब्जा कर लिया है। ऐसा लिखकर कई सारे वीडियो सामने आए थे। इन पर लकीबिश ने साफ कहा कि ये पूरी तरह झूठ है। जिन्हें लोग चीनी सैनिक समझ रहे हैं, वे असल में नॉर्थ ईस्ट के इन्सर्जेंट ग्रुप यानी की विद्रोही संगठन है। उदाहरण के लिए इस वीडियो को देखिए। इसे चीनी सेना की घुसपैठ बताकर वैरल किया जा रहा है। लेकिन सच ये है की वीडियो में चीनी आर्मी नहीं बल्कि यूएन एल ऐफ़ यानी की यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट के लोग है। ये वीडियो अरुणाचल का नहीं बल्कि मणिपुर के पयाग इलाके का है, जो करीब 5 दिन पुराना है। लकवीस ने ये वीडियो शेयर करते हुए लोगों को इस पर क्लैरिटी दी क्योंकि ये वीडियो वैरल किया जा रहा था और इस पर लिखा जा रहा था की भैया जो वीडियो है ये अरुणाचल प्रदेश का है और चीनी आर्मी जो है अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर चुकी है। जो कि पूरी तरह से अफवाहें फैलाई जा रही थी। बता दें कि भारत और चीन करीब 4057 किलोमीटर का बॉर्डर शेयर करते हैं। चीन से भारत की सीमा पांच राज्यों से जुड़ती है। उनमें अरुणाचल प्रदेश भी एक है। अरुणाचल प्रदेश के 1080 किलोमीटर करीब के हिस्से में दोनों देश सीमा साझा करते हैं। एलएसी के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में इस बड़े हिस्से पर फेन्सिंग भी नहीं है। इसके बजाय भारतीय सेना और आई टीबी पी गश्त और निगरानी यहाँ पर करते हैं और पेट्रोलिंग पेट्रोलिंग के लिए ही चीनी आर्मी भी यहाँ पर आई हुई थी। जैसा की अपने वीडियो में बताया की फौज। सीमा के नजदीक थी और वहीं से ये अफवाहें उड़ी की अरुणाचल की जमीन पर चीनी आर्मी ने कब्जा कर लिया है, जो कि बिल्कुल भी सच नहीं है। पूरे मामले को अगर समझे तो इंडिया टुडे नॉर्थ ईस्ट के एक दावे के मुताबिक ना वेलफेयर सोसाइटी डेप्युटी कमिश्नर को एक ज्ञापन सौंपती है। आरोप लगाती है कि पीपल सेलेब्रेशन आर्मी ने बॉर्डर के पास भारत के अंदर अपने शिविर बना लिए हैं। इस ज्ञापन में ये दावा किया गया कि पिछले 10 से 15 सालों के दौरान चीनी सैनिकों ने तकसीन सर्किल के सीमावर्ती क्षेत्रों पर धीरे धीरे कब्जा कर मौजूदगी का हिस्से का विस्तार किया है। उन जगहों पर जिनका स्थानीय निवासी परंपरागत रूप से शिकार और पशुओं के चराने के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं, अब वहाँ सड़के, पुल और सैन्य शिविर बना लिए गए। चीनी सेना के द्वारा एनडब्ल्यू एस ने पांच जगह ओइंग पनियार, मारपान और पोट्रन झील और टीडी तांग का जिक्र करते हुए कहा कि अभी इलाके। साल 2020 से चीन के कब्जे में आ रहे है। इंडिया रानवी इस पर सामने आती है जवाब देती है और कहती है की हमने ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स देखी है जिनमें दावा किया गया कि चीनी आर्मी पी एलए ने अरुणाचल प्रदेश में अतिक्रमण कैंप बना लिए हैं। इसी तरह की रिपोर्ट्स जो आई है सामने इंडियन आर्मी ने इन्हें पूरी तरह से गलत। और आधारहीन बताया और साफ तौर पर कहा कि इस तरह के अफवाहों पर विश्वास ना करें जो मजबूत सोर्स हैं, विश्वसनीय है, उन पर ही भरोसा करें। इस तरह से इंडियन आर्मी और के बयान सामने आए और हुआ कि अरुणाचल प्रदेश में किसी भी तरह का कोई कब्जा या फिर कंट्रोल चीनी आर्मी के ओर से नहीं किया गया है। फिलहाल इस खबर में इतना ही थैंक यू।