IND vs ENG:वैभव के डेब्यू पर मिली हार, अय्यर ने बताया कौन रहा सबसे बड़ा जिम्मेदार!
नमस्कार स्वागत है आपका, मैं हूँ आपके साथ। लोकेन्द्र त्यागी वैभव को भी मिल गया मौका लेकिन अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया की जीत का खाता नहीं खुल रहा, एक ओवर ने पूरा गेम पलट दिया। अय्यर ने बताया आखिर किसकी वजह से मिली हार? जी हाँ। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे टी 20 मुकाबले में टीम इंडिया को चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा। मुकाबला लंबे समय तक भारत की पकड़ में दिखाई दे रहा था, लेकिन आखिरी चार ओवर में मैच पूरी तरह पलट गया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 190 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया था, लेकिन इंग्लैंड ने 19 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। इस हार के बाद टीम इंडिया के प्रदर्शन पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। इस मैच में सबसे ज्यादा चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू की रही। महज 15 साल की उम्र में उन्हें भारतीय टीम की ओर से खेलने का मौका मिला, लेकिन वो अपनी पारी को बड़ी शुरुआत में नहीं बदल सके। वैभव ने 10 गेंदों में 14 रन बनाए और दो छक्के जरूर लगाए लेकिन उनसे जीस आक्रामक शुरुआत की उम्मीद थी। वो देखने को नहीं मिली। हालांकि उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था इसलिए उन पर ज्यादा दबाव बनाना भी उचित नहीं होगा। अब ऐसे में वो कौन सा पल था जिससे खुद कप्तान श्रेय सय्यर टर्निंग पॉइंट मान रहे हैं और जिसकी वजह से मुकाबला भारत के हाथ से निकल गया? आइए उसकी बात कर लेते हैं। दरअसल भारत के हार का सबसे बड़ा कारण सत्रहवा ओवर रहा। उस समय इंग्लैंड को जीत के लिए 24 गेंदों में 49 रन चाहिए थे। कप्तान श्रेय सरायर ने गेंद रवि बिश्नोई को सौंपी, लेकिन यह फैसला भारत पर भारी पड़ गया। बिश्नोई ने पहली गेंद नो बॉल फेंक दी। जीस पर इंग्लैंड को दो रन मिले। इसके बाद उनकी पहली गेंद पर जैकब बैटल ने छक्का जड़ दिया। विश्नोई इसके बाद भी वापसी नहीं कर सके और फिर एक और नो बॉल फेंक बैठे। एक ओवर में दूसरी नो बॉल फेंकने के बाद उनका आत्मविश्वास भी डगमगाता नजर आया। इसका पूरा फायदा बैतल ने उठाया और दो और छक्के और एक चौका लगाते हुए इस ओवर में कुल 29 रन बटोर लिए। यहीं से इंग्लैंड जीत से सिर्फ 20 रन दूर रह गया। यहाँ टीम के रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं की क्या इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में तीन स्पिनरों को खिलाना सही फैसला था क्योंकि टीम के पास हार्दिक पांड्या जैसा कोई तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर भी नहीं था? ऐसे में अर्शदीप सिंह ने पहले ओवर में दो विकेट लेकर जो दबाव बनाया था, उसे बाकी गेंदबाज बरकरार नहीं रख सके। बिश्नोई की लय तो पहली ही गेंद से बिगड़ी हुई नजर आई थी क्योंकि उन्होंने इस मैच की अपनी पहली गेंद भी नो बॉल ही डाली थी। रवि बिश्नोई ने अपने चार ओवर में 60 रन खर्च किए और एक भी विकेट हासिल नहीं कर पाए। उनकी इकॉनमी 15 की रही, जिसने इंग्लैंड को मुकाबले में पूरी तरह से वापस ला दिया। मुकाबले के बाद कप्तान श्रेय सेर ने कहा कि टीम इंडिया की नज़रिए से सत्रहवां ओवर बेहद महंगा साबित हुआ। उन्होंने भरोसा जताया कि रवि विष्णु मजबूत वापसी करेंगे। लेकिन साथ ही ये भी कहा कि ऐसी गलतियों से सीख लेना जरूरी है। कप्तान का मानना था कि इस विकेट पर 190 रन जीत के लिए पर्याप्त स्कोर था, लेकिन डेथ ओवरों में खराब गेंदबाजी ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। अगर पूरे मुकाबले का विश्लेषण करें तो सिर्फ एक खिलाड़ी को हार का जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। कई खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। बल्लेबाजी में ईशान किशन ने 40 गेंदों में 49 रन बनाए। ये पारी जरूर उपयोगी रही लेकिन टी 20 क्रिकेट की जरूरत के हिसाब से उनका स्ट्राइक रेट उतना प्रभावशाली नहीं रहा। अगर वो कुछ और तेजी से रन बनाते तो शायद ये स्कोर 200 के पार पहुँच सकता था। शिवम दुबे से भी टीम को बड़े शॉट्स की उम्मीद थी। उन्हें फिनिशर की भूमिका में उतारा गया लेकिन उन्होंने सिर्फ सात गेंदों में पांच रन बनाए। इतना ही नहीं गेंदबाजी में भी उनका कोई उपयोग नहीं किया गया। ऐसे में ऑल राउंडर के तौर पर उनका योगदान काफी सीमित रहा। टीम को जीस प्रभाव की उम्मीद थी वो देखने को नहीं मिला। हर्षित राणा भी पूरी तरह असर छोड़ने में नाकाम रहे। उन्होंने तीन ओवर में 30 रन दिए और सिर्फ एक विकेट हासिल कर पाए। इसके अलावा कुछ लोग संजू सैमसन को बाहर किए जाने पर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि संजू के बाहर होने के बाद टीम में श्रेय सय्यर ही इकलौते दायें हाथ के बल्लेबाज रह गए हैं। कई लोगों का मानना है की संजू को नंबर तीन पर खिलाकर ईशान किशन को शिवम दुबे या तिलक वर्मा की जगह फिनिशर की भूमिका में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे टीम का संयोजन और बेहतर बन सकता है। अब सीरीज का अगला मुकाबला भारत के लिए बेहद अहम होने वाला है। टीम इंडिया की कोशिश होगी की अपनी गलतियों से सीख लेकर जोरदार वापसी करे। मैं कप्तान श्रेया सेयर के सामने भी चुनौती होगी कि वो खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर टीम संयोजन में बदलाव करें। अगर आप ये वीडियो यूट्यूब पर देख रहे हैं तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर बेल्ल आइकॉन दबाएं और फेसबुक पर देख रहे हैं तो हमारे पेज को लाइक करें।