जापानी PM ने भारत का एक घूंट पानी तक नहीं पीया, चीनी ग्लोबल टाइम्स ने उगला जहर, क्यों बौखलाया?

बीजिंग/नई दिल्ली: चीन शायद ही किसी और नेता के भारत आने पर बौखलाता होगा जितनी बौखलाहट वो जापान की पीएम सनाए तकाइची के दिल्ली आने पर दिखा रहा है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के भोंपू ग्लोबल टाइम्स में कम से कम पांच आर्टिकल जापानी पीएम के दिल्ली दौरे और भारत-जापान संबंध पर लिख गये हैं। जिससे पता चलता है कि चीन अगर आज की तारीख में किसी से डरता है तो वो जापान है।

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जब चीनी मीडिया को जापान की पीएम की दिल्ली यात्रा पर कुछ भी निगेटिव नहीं मिला तो उसने पानी को विवादित बनाने की कोशिश की। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है 'तकाइची का मोदी को 'भाई जैसा' गले लगाना और दूसरी तरफ स्थानीय नल के पानी पर रोक, इन दोनों बातों में विरोधाभास है जो जापान के दोहरेपन और भारत के प्रति उसकी बेरुखी को उजागर करता है- जानकार।' ग्लोबस टाइम्स में इस शीर्षक के साथ लेख लिखा गया है।

ग्लोबल टाइम्स कैसे फैला रहा प्रोपेगेंडा 3 प्वाइंट में समझिए

  1. ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि जापान की प्रधानमंत्री ने दिल्ली में नल का पानी नहीं बल्कि बोतल का पानी पीया।
  2. इसने आगे लिखा है कि बोतल का पानी पीना और स्थानीय नल के पानी को दूर रखना भारत के साथ बेरूखी है।
  3. कुल्ला करने के लिए भी नल के पानी का इस्तेमाल नहीं होगा बल्कि बोतलबंद मिनरल वॉटर का ही इस्तेमाल होगा।

क्या है जापानी डेलिगेशन का 'टैप वॉटर' विवाद?

ग्लोबल टाइम्स ने जापानी मीडिया की एक रिपोर्ट को तूल देते हुए कहा कि भारत यात्रा के दौरान जापानी नेता सनाए तकाइची ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुस्कुराते हुए स्वागत किया और उन्हें अपना 'बड़ा भाई' कहा। लेकिन जापानी प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय नल के पानी के इस्तेमाल पर रोक लगाने के बाद सरकारी विमान से बोतलबंद पानी मंगवाया था। चीनी मुखपत्र ने आगे लिखा कि कुछ जानकारों की नजर में यह विरोधाभासी व्यवहार भारत के प्रति जापान के दिखावटी और सतही रवैये और यहां तक कि भारत के प्रति अनादर को भी दर्शाता है।

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि जापानी मीडिया आउटलेट ABEMA TIMES ने खबर दी कि भारत में जापानी प्रतिनिधिमंडल के प्रवास के दौरान जापानी सरकार ने साफ-सफाई को लेकर कड़े निर्देश जारी किए थे। इसमें खास तौर पर कहा गया था कि किसी भी हाल में नल के पानी का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। यहां तक कि कुल्ला करने के लिए भी नहीं और पीने और मुंह की सफाई से जुड़ी सभी जरूरतों के लिए सिर्फ बोतलबंद मिनरल वॉटर का ही इस्तेमाल किया जाएगा।

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि रवानगी से पहले सरकारी विमान में बड़ी मात्रा में मिनरल वॉटर लादा गया था एक ऐसी बात जो पर्दे के पीछे की थी।

जापानी पीएम के भारत दौरे को क्यों विवादित बनाना चाह रहा चीन?

दरअसल जापान इकलौता देश है जिसने साफ तौर पर पिछले साल घोषणा की है कि चीन अगर हमला करता है तो जापान ताइवान का साथ देगा। इसके अलावा जापान ने लंबी दूरी की मिसाइलों को चीन से करीबी तटों पर तैनात कर दिया है। इसके बाद चीन ने जापान को युद्ध की भी धमकी दे चुका है। खासकर पीएम सनाए तकाइची को लेकर चीन काफी हमलावर रहा है।

  • जापान ने दशकों पुरानी सख्त सैन्य नीति को बदलते हुए भारत के साथ पहली बार सैन्य उपकरणों के ज्वाइंट डेवलपमेंट को मंजूरी दी है।
  • भारत और जापान के बीच नौसैनिक कम्युनिकेशन सिस्टम (UNICORN) को लेकर समझौता हुआ है।
  • चीन को डर है कि जापानी तकनीक और भारत की बड़ी विनिर्माण क्षमता मिलकर चीनी नौसेना के प्रभुत्व को कड़ी चुनौती देगी।
  • भारत और जापान दो ऐसे देश हैं जो चीन के पड़ोसी हैं। इसीलिए दो पड़ोसी देशों के साथ 'दुश्मनी' की स्थिति को चीन अपने लिए खतरनाक मान रहा है।

दक्षिण चीन सागर और हिंद प्रशांत क्षेत्र में घेराबंदी

भारत और जापान दोनों ही देशों ने संयुक्त बयान में दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। दोनों देशों ने बिना चीन का नाम लिए ताकत के दम पर यथास्थिति को बदलने की किसी भी कोशिश और सैन्यीकरण का विरोध किया है। इसीलिए चीन को डर है कि भारत और जापान मिलकर 'फ्री एंड ओपन इंडो पैसिफिक' के जरिए उसकी समुद्री घेराबंदी कर सकते हैं।

चीनी विदेश मंत्रालय ने इसीलिए जापान भारत के बीच हुए समझौतों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि 'किसी तीसरे देश को निशाना बनाने के लिए एक्सक्लुसिव ग्रुपिंग यानि खास गुटबाजी नहीं होना चाहिए।' भारत और जापान ने क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन पर भी समझौता किया है जिसपर चीन का एकाधिकार है।

चीन जानता है कि जापान की टेक्नोलॉजी कितनी ज्यादा एडवांस है इसीलिए उसे इस बाजार पर एकाधिकार टूटने का भी डर है। इसीलिए चीन 'पानी विवाद' पर हल्ला मचाकर भारत और जापान के बीच दूरियों को दिखाना चाहता है और इस रिश्ते में दरार डालना चाहता है।

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