एशिया के सबसे बड़े Red-light area की कहानी, सोनागाछी की महिलाओं ने खुद सुनाई
मेरा जनम ही सोनागच में है क्योंकि मेरा माँ भी एक सिक्स और तक थी। आप कब से सिक्स्थ वक्त में आया? 19 तारीख कब से हम? अब किसी का घर में काम करने जाओ, उधर भी पहले यही करना पड़ेगा तो उधर ना जाके इधर ही आ जाओ। 13 साल का 14 साल का आ जाता है, 13 साल का बच्चा आता है यहाँ हाँ आ जाता है। ऐसा भी होता हैं क्या की कुछ लोग आते हैं जिनके परिवार को पता नहीं हैं वो आते हैं, यहाँ पर करते हैं, फिर अपने परिवार में वापस लौट जाते हैं। कोई लड़की सुबह आता हैं, दिन भर रहता हैं, धंदा करता हैं, चला जाता हैं, मैं एक ए जे पी पॉज़िटिव हूँ, ये दुनिया दो रंगी हैं। एक तरफ से रेशम उढ़े एक तरफ से नंगी है। एक तरफ अंधी दौलत की पागल ऐश बरसती है। एक तरफ जिस्मों की कीमत रोटी से भी सस्ती है। एक तरफ है सोना गाछी एक तरफ चौरंगी है, ये सोना गाछी है एशिया का सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया। कोलकाता की बड़ी बड़ी ऊंची ऊंची इमारतों के बीच बसी एक बस्ती जहाँ पर सैकड़ों सेक्स वर्कर रहती है और यहाँ पर देह व्यापार होता है। यहाँ आने के पीछे सबकी अपनी अपनी मजबूरियां है। सबकी अपनी अपनी कहानियों है। कुछ कहानियों ऐसी भी है जिनकी माएं तो सेक्स वर्कर है, लेकिन बच्चे आज सरकारी नौकरियां कर रहे है। क्नॉइस। इन्हीं कहानियों से रूबरू होने के लिए हम सोनाघाती पहुंचे हैं और जहाँ तक हमारा कैमरा पहुंचेगा, वहाँ तक ये हकीकत हम आप तक लेकर आएँगे। आप अपने कस्टमर्स को लेकर इसी रूम में आते हो। हाँ इसी रूम पे। कितने बजे से शुरू हो जाता है काम दिन में दिन में सुबह 6:00 बजे से शुरू होता है और मेरा बिल्डिंग का गेट खोला रहता है। 1:30 बजे तक मतलब सुबह 6:00 बजे से रात 1:30 बजे तक आप लोग काम करते हो। हाँ आप कब आये यहाँ पर कैसे आये, कोई लेकर आया था या नहीं? कैसे पहुंचे मैं इधर मेरा मजबूरी था, पैसा के लिए आया था। मेरा पापा का तबियत खराब था। मेरा बच्चा लोग है, मेरा तीन वो बच्चा है इसीलिए पैसा का जरूरत था इसीलिए इधर आ गया। यहाँ आने से पहले आपकी शादी हो चुकी थी, हाँ मेरा शादी हो गया था। मेरा हज्बंड भी छोड़ दिया मेरे को। छोड़ने के बाद हम दूसरा जगह भी काम किया तो काम के लिए पैसा मेरे से नहीं हो रहा था। तब हम इधर आ गया। कितनी उम्र थी जब आप यहाँ आए 1 साल, 21 साल घर को पता है आपको पहले पता नहीं था अभी सिर्फ मम्मी को पता है और किसी को नहीं, मम्मी को पता है सर हाँ मम्मी को पता है बच्चों को। बच्चे लोग को नहीं पता, बच्चे लोग को पता है क्या हम कुछ फैक्टरी में काम करता है, सुबह से क्या दिनचर्या रहती, क्या क्या करते हो? पूरे दिन में सुबह में उठ के पहले नहा धो के पूजा पर खाना बना के खाना पीना हो जाता है तो हम बाहर चला जाता है। हम लोग वो उधरू में खड़ा रहता है, कस्टमर आता है तो रूम पे लेके आना पड़ता है। तो मतलब ये कैसे तय करते हो कि कौन सा कस्टमर आपके साथ आएगा या नहीं? कस्टमर आके पूछता है क्या जाना है कि नहीं? तो कस्टमर जब पूछता है तब बोलता है हाँ तब उधर ही रेट बोल देता है जिसका मर्जी है वो रेट के लिए वो आ जाता है जहाँ ये रेट में हम जाएगा तो चलो अच्छा ये तय कैसे होता है कि कितना रेट लेंगे हम? नहीं इधर में सिस्टम है, जो 500 है, 1000 है, वह बोलता है कि हम ₹500 देगा तो उसी ₹500 का टाइम में ₹500 का काम होगा। मतलब जैसे कोई 5000 दे रहा है तो पूरा दिन रहेगा। पूरा दिन पूरा रात रहेगा, ₹5000 देगा। मतलब ये कैसे ये तय होता है। 2000 में ये करेंगे हम 2500 में ये हाँ उन लोग पूछ लेता है, क्या ₹500 देगा? तो आप क्या क्या करोगे? 1000 देगा क्या क्या करोगे, कितना टाइम देगा? सबसे ज्यादा कितना चार्ज कर सकता है? सबसे ज्यादा इधर में चार्जेज 3000, 3000 में 3000 में पूरा दिन रहेगा। नहीं 3000 में एक घंटा रहेगा। अच्छा घंटा का हिसाब से और नाइट में रहेगा तो 5000 तो क्या ये लोग जबरदस्ती भी करते हैं कि सिगरेट पीओ दारु पीओ डांस करो ना इधर का लड़की लोग सब सिगरेट दारु जो पीता है वो बोल देता है, हम भी पिएगा लेके आता है। जो नहीं पीता है, जबरदस्ती वाला बात नहीं है, जिसका मन होगा पिएगा, नहीं होगा तो मत पियो। जैसे कोई कस्टमर कभी पसंद आया कि इस इससे बहुत अच्छी बात हो रही है। अब इसके साथ आगे रहना हाँ मन में हो जाता है दोस्ती दारी हो जाता है कभी कभी। तो फिक्स्ड हो जाता है तो जब आता है महीना में दो बार चार बार तो मेरा पास ही आएगा ढूँढ़ के आता है आपके पास हाँ रूम मालूम है खुद ही आ जाता है रूम पे। ऐसे कितने लोग हैं जो आपके परमानेंट का है, जिसका मन होगा वो खुद ही आ जाएगा। नहीं तो फ़ोन में बात कर लेगा। क्या हम आ रहा है तुम रूम पे ही रहो अच्छा फ़ोन से भी बात हो जाती है कि हमारे यहाँ हाँ नंबर दे देता है। फिर दो चार बार आया, अच्छा लगा ठीक है, चलो नंबर दे देता है जैसे वो साथ में ले जाना चाहे घूमने कहीं बाहर हाँ जाता है। उसका एक्स्ट्रा चार्ज लेते हो? आप हाँ एक्स्ट्रा चार्ज बाहर में जाएगा। नाइट टु नाइट 10,001 जब हम लोग बाहर से इस दुनिया को देखते हैं तो बताते हैं कि गलियों में घुसो तो लोग पैसे छिड़ा लेते हैं, डराते हैं, जबरदस्ती खींच के ले जाते हैं, पहले होता था कि ना अभी नहीं होता है कि वो अभी जो दुर्बड़ आया है ना इधर। तो दूर बहुत सपोर्ट करता है मैं लड़की लोग को समझाता है कि चिंचन मत करो छीनेगा तो कस्टमर कम हो जाएगा, नहीं आएगा पहले करते थे आप पहले हम लोग तब नहीं आया था इधर तब दूर बार भी नहीं था। जीस दिन से दूर बार आया है। इधर उसी दिन से छीन छान के सब बंद हो गया। अच्छा कुछ ये भी होता है क्या कि पीरियड्स में भी काम करना पड़ता है या अपने मन से काम करते हैं। जब मन करेगा तब करेंगे या नहीं। हम लोग का कोई जबरदस्ती नहीं है। प्रेस होता है तो हम लोग घर चले जाते हैं। 4 दिन तक घर में रहता है, 4 दिन बाद आता है। बच्चों को क्या बनाना चाहते हैं मेरा बच्चा तो मेरा लड़की लोग तो बोलता है, मेरा नर्स बनेगा। आपका मन है यहाँ से बाहर निकलने का बाहर निकलने का मन है लेकिन हम कुछ बन बना के थक जाएगा, जमीन खरीदेगा, मकान वकान बनाएगा, बच्चा लोग को पढ़ाई करके बड़ा करेगा तब हम निकलेगा। शादी के लिए कभी किसी कस्टमर ने कहा आपसे कि। हम्म मेरे को कहाँ था मैं गया भी था उसका घर बाद में वह भी हमको बोला के तुम इस जगह के पांच चल रहा था उसका साथ मतलब उसका गुजरात में घर था, हम आना जाना किया था। उधर मैं दो महीना एक महीना कर के रुकता था, फिर इधर आ गई तो वो बाद में जब बोला मेरा बच्चा लोग को नहीं मानेगा। सिर्फ मेरे को लेके गया तब बोला हम नहीं रहेगा तुम्हारा साथ अच्छा वो कस्टमरी था आपका जैसे आपको प्यार हो गया था हाँ में कितनी कमाई हो जाती है आपके हो जाता है 45000 हो जाता है 45000 हाँ। अच्छा इस कमरे को भी रेंट पे देते हो क्या दूसरी लड़कियों को की हाँ हाँ हाँ वो कैसे तय होता है कितने रुपए लेंगे नहीं वो आता है तो बोल देता है तुम्हारा घर में काम करेगा, जितना काम करेगा आधा हमको देगा आधा वो ले लेगा जैसे आधा घंटा उन्होंने लिया हाँ ₹1000 काम करेगा तो हमको ₹500 देगा, वो ₹500 देगा कस्टमर उनका कस्टमर उनका। सरकार किसकी में मिलती है? आप लोगों को? हम लोग को अभी तक कुछ नहीं मिला है, फिर वो जो सरकार दे रहा है। लोकी भंडार। यही सब मिल रहा है। लोकी भंडार वाला पैसा क्या करते हो? पैसा घर में जब जरूरत होता है तब उठा लेता है नहीं तो उसमें ही रख देता है। ऐसा यार मैं बोर्ड बना आपका हाँ। फिर सर में बोर्ड बन गया डाक्यूमेंट्स आ रहे हैं आप लोगों के पास, हाँ सब डाक्यूमेंट्स हैं अच्छा जैसे हम लोग अभी नहीं चाहे तो आप लोग शाम में बैठ जाते हैं कई लोग ना हाँ कितनी कितनी देर में लोग आ जाते हैं या काफी देर तक बैठे रहना पड़ता है। इंतजार करना हो जाता है। कभी कभी पूरा दिन ही बैठना पड़ता है। कभी कभी निकलने के बाद भी तुरंत काम हो जाता है। मतलब कोई तय नहीं है कि कितनी कमाई होगी। ऐसा नहीं है कि वो आएगा, लेके जाएगा। जीसको पसंद है उसको लेके चला जाएगा। कोई ऐसी भी लड़कियां आती है जो अपने घरों से आती है यहाँ पर काम करती है फिर चली जाती है। हाँ ऐसा भी लड़की है पर डे जाना है हम भी पहले इधर में रहता था हम। पूरा दिन काम करता है, शाम में चला जाता है। बाद में रूम ले लिया तब नहीं जाता तो पिताजी पूछते नहीं है कि कहाँ रह रही हो? आप नहीं अभी तक नहीं पूछा क्या बोला? फैक्टरी में रूम दिया। फैक्टरी में ही रहता है, आना जाना करता है तो खर्चा ज्यादा हो जाता है। अच्छा एक चीज़ बताइए कि कितना पैसा आप इकट्ठा कर लेंगे तब छोड़ देंगे काम? वो तो नहीं बोल पाता है कि वो कितना पैसा हो पाएगा? जब मेरा उमर हो जाएगा तब तो छोड़ना ही पड़ेगा, तब तक नहीं चलेगा ना? इधर जब उमर हो जाएगा तब तक कस्टमर नहीं आएगा तब तक आप चाहते हो जितना ज्यादा ज्यादा हो जाए, जितना पैसा एकठा करना पाएगा तब करके रख के निकलना पड़ेगा। कब आए यहाँ पर आप कैसे आए, कोई लेकर आया या खुद से आया? नहीं था, पहले काम करता था। दूसरा काम ठीक है, मेरा जो है मेरा गांव में तो जल्दी शादी हो जाता है ना तो शादी करा दिया था तो शादी होने के बाद मेरा जो पति है वो मेरा एक महीने का लड़की छोड़ के वो गुजर गया था। स्टॉक हो गया था जिसे लाखो नहीं मरता है वैसे हो के। वह गुजर गया था गुजर जाने के बाद हम इधर काम करता था और काम करते करते वह आदमी लोग कहीं बाहर चला गया फिर जाने के बाद, फिर हम इस लाइन में कैसे पता चला यहाँ पर कि जो मासी था वह काम करता था हम लोग का इधर। अरे इधर भी कम करता है कैसे कस्टमर आते हैं, किस उम्र के आते हैं, ज्यादा उम्र का भी आता है कम उम्र का लड़का भी आता है जैसे हर तरह का आदमी आता है। मतलब आजतक सबसे कम उम्र का लड़का कितने साल का आया होगा? 13 साल का 14 साल का आ जाता है, 13 साल का बच्चा आता है। हाँ आ जाता है। कभी कभी कुछ बोलता है या सीधा हम लोग बोल देता है कि तुम लोग मत आया करो फिर कभी कभी कोई आ जाता है का तो वो वापस जाता है, मानता है या नहीं मानता है मानता नहीं है कभी कभी आ जाता है हम नहीं नहीं जाएगा। दूसरा लड़की देके जाता है, ऐसे ऐसे हो जाता है क्या बोली बुरा भी आदमी आ जाता है। 6070 साल का मतलब 1314 साल का भी बच्चा आ रहा है यहाँ पर 6070 साल का बुड्ढा भी यहाँ पे आ रहा है। हाँ आता है ये लोग कुछ बदतमीजी करते हैं क्या ये लोग परेशान करते हैं? नहीं परेशानी नहीं करता है कभी कभी सब आदमी तो सही से नहीं होता है ना? कभी कभी तो हम लोग समझा के बोलता है तुम काम में आया है, काम करिए, जाइए नहीं तो वाला कोई काम नहीं है ना तो बिना प्रोटेक्शन करते हैं क्या? बिना प्रोटेक्शन का वो वो आदमी बोलता है। हम लोग बोला प्रोटेक्शन छोड़कर हम लोग नहीं काम कराएगा। तुम्हें जितना भी पैसा दोगे हम लोग काम नहीं कराएगा। हम लोग का जो है, हम लोग पोटेशन लगाके काम कराएगा। कभी दीदी कोई ऐसा कस्टमर आया है क्या, जिसने परेशान किया हो या मारपीट करने की कोशिश कर रहा हो? हाँ आता है कभी कभार तो हम लोग का बारिका बिल्डिंग का जो शव है, जो हम लोग का ऑफिस का है वो लोग को बुलाता है। कभी आपके साथ ऐसा हुआ दीदी? हाँ हुआ है। क्या हुआ था? बहुत कस्टमर जो है दारू पीने पीने का बाद आ जाता है ना तो जब ऐसे करेगा वैसे करेगा। ज्यादा वाकर पकड़ के लेता है ना? जैसे गलत तरीके से व्यवहार करता है तो उसको नहीं संभाल पाता है तो आदमी बुला लेता है तो सब लेट के लोग आके। उसको निकाल देता है। अच्छा इसमें सुरक्षा का कितना ध्यान रखते हैं आप लोग? ध्यान तो रखना ही पड़ेगा अपने आप से कन्नम तो लगाता है उल्टा सीधा काम नहीं करता है किसी को कोई जो ये करेगा वही करेगा हम लोग बोला देखो तुम काम के लिए आया है। 2 मिनट के लिए 5 मिनट के लिए 2 मिनट तुमको ज्यादा टाइम देगा। उल्टा सीधा काम हम नहीं करेगा। बता देता है छोटा बच्चा था आपका, वो कहाँ है? बच्चा गांव में है, कितना बड़ा हो गया आप सात 8 साल का हो गया, सात 8 साल का स्कूल जाता है, वो हूँ क्या बनाओगे उसको देखिए अभी पढ़ाई कर दे। फोर्ड में पढ़ाई करते अभी जो भी बनना है बनेगा देखा है। अभी तो पढ़ाई दिया तो स्कूल टीचर सब कुछ दिया है, ट्यूशन भी लगा रखा है। कितना खर्चा जाता है बच्चे का? मम्मी पापा है, बच्चे लोग है माइने में वहाँ 10 ₹12,000 पोहर माइने में लगता है। हर महीने भेजते हो आप हाँ घर में भेजता है कमाने वाले अकेले हो क्या घर में? हाँ मैं नहीं है मेरा भाई छोटा है और मम्मी पापा है। दो बहन का शादी हो गया। उन लोग सबको पता है कि आप क्या करते हो? नहीं पहले नहीं पता था। पहले दूसरा घर का काम करता था तो अभी पता चल ही गया तो। घर का कैसे पता चला दीदी देखो गांव घर जब दूसरा का घर में हम काम करेगा तो हम गांव में उतना नहीं पैसा भेज पाता ठीक है और अभी तो कोवि महीने में 10,000 भी भेजना पड़े कभी 20,000 भी कभी 15,000 भी ठीक है फिर भी। कुछ पेनल्टी भी जमाता है। मायने में तो लोग को पता चल जाता है ना जितना पैसा कहाँ से आया। किसी ने पूछा था आपसे मम्मी पूछा है? वो बताया मम्मी को क्या बोले? मम्मी बोला वैसा काम तुमको नहीं करना चाहिए था, आ गया तो क्या करे? तुम लोग का भी तो ठीक नहीं है ना? जी तुम लोग हमको बैठा के खिला पाओगे, मेरा बच्चा है, उसको भी बोला बोला ठीक है, मान गई मम्मी मरना पड़ा, पहले शुरू शुरू में गुस्सा किया फिर कितना दिन बातचीत नहीं किया, ये धीरे धीरे मान गया, बच्चे को नहीं पता। बच्चा भी छोटा है ना इसलिए उसको नहीं उतना बताना नहीं, फिर भी बताना पड़ेगा, बड़ा होगा तो किसी के मुख से सुनेगा तो अच्छा बात नहीं, उसको भी ठीक से बताना पड़ेगा। गांव वाव जाना होता है, शादी बारात है, त्योहारों में जाता है, किंतु अभी इस जगह में आने के बाद। उतना किसी से नहीं मिलता है। गांव में यही तो ज्यादा रहता है, गांव में उतना नहीं आता। पढ़ाई वढ़ाई क्या की पढ़ाई वढ़ाई उतना नहीं किया गांव है ना हम लोग के घर में बहुत गरीबी है तो पढ़ाई नहीं कर पाया। कभी स्कूल नहीं गया। अच्छा आपने कुछ सोचा था हम बड़े होके क्या बनेंगे? अभी क्या सोचेगा नहीं, पहले सोचा था, पहले देखो हम लोग का गांव में कम उम्र में शादी करा देता है। शादी करने के बाद घर सुनो पूरी बात एक और बच्चा का बच्चा होगा तो फिर? हम इंडिया अच्छे से नहीं फिर भी हम लोग सोचता है जी वही सी हो जाता है उतना लाकर बड़ा आदमी करेगा तब ना सोचेगा। जब यही बनेगा वही बनेगा वहाँ जाएगा वही वो सब नहीं सोचता है ना? पढ़ाई होता है तो दूसरा काम करता है। काम में नहीं घुसता ना? मेरा नाम शिखा दास है। मैं एक सेक्स वर्कर हूँ और मेरा जन्म ही सोनागची में है। क्योंकि मेरा माँ भी एक वर्कर थी, आपने बचपन यही बिताया नहीं, थोड़ा सा 8 साल तक मैं इधर बिता उसके बाद मामा का घर में भेज दिया क्योंकि मेरा माँ को टाइम नहीं मिलता था मेरे को देखभाल करने के लिए, इसलिए मामा का घर भेज दिया, मामा के पास रहता था। और फिर वापस आया। हम्म वो स्टोरी अभी इतना स्टोरी बोलेंगे तो हो गया तो मम्मा के घर में भेजा था, उधर ही क्लास टेंथ तक पड़ा। फिर एक पति भालू हुआ था। फिर उसके साथ रिलेशन बना, शादी किया, बेटा, बेटी पैदा हुआ फिर उसका असली रूप निकल गया क्योंकि लड़की बोलो समाज अभी भी से देखता नहीं, लेकिन 19 फाइव से थोड़ा। अलग था। अभी 19 जब से संगठन बना तब से थोड़ा चेंज हुआ। उसके बाद उसको छोड़ के बच्चा लोग को पालने के लिए खुद चलाया। धंधा पे वापस आ गए सोना इधर रह के बच्चा लोग को पाला, पोषक पढ़ाई लिखाई सिखाया। अभी अपना अपना जगह में सेटल है मैं विद्यासागर कॉलेज इधर ही है। कोलकाता में विद्यासागर कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। लड़की नर्स का ट्रेनिंग ले अभी सरकारी नौकरी करता है नर्स से और बेटा म्युनिंदो कॉलेज से इंग्लिश से ऑनर्स के। इंग्लिश ओनर्स हम समझ रहे है इंग्लिश ओनर्स किया। अभी वो डेवलपर होता है ना ऑनलाइन बिज़नेस होता है जिसमें गैपिटी, डिज़ैन, एडिटिंग सब वो काम करता है, ग्राफ़िक डिजैनर वगैरह करता है। मेरा जो जो शौक था, मैं नहीं शखा इसलिए बेटा बेटी को किया। जितना पैसा कमाया, सेव नहीं किया बैंक वाले बारी गाड़ी कुछ नहीं है लेकिन बच्चा लोग को पाला अभी अपना अपना जगह में सेटल है। बच्चा लोग भी जनता है, माँ सेक्स वर्कर है, बहु भी जनता है मेरे बेटा का बीवी दामाद भी जनता है। मेरा सास सेक्स वर्कर है। कुछ लुका छुपा कुछ नहीं, सभी जानते है। बताया था ही बेटा बेटी को मालूम था। शुरुआत में जब बेटी हॉस्टल में दिया था उसका जब 4 साल उमर था तब हॉस्टल में डाला था, क्योंकि मेरे को समय नहीं मिलता था। एक गुरुवार का काम था। खुद का बिज़नेस था, मने वो सेक्स वर्कर का धंधा था इसलिए उसको हॉस्टल में डाला था। तब बेटी जब बोर्ड एग्ज़ैम हुआ था ना टेंथ क्लास तब उसको बैग मिला था। मने एक दो में वो फैल किया था। कमाया तब वो मेरे को एक दम बड़ा चौथा लेके एक। ये लिखा चिट्ठी लिखा तू मेरे को टाइम नहीं दे तो इसीलिए मैं फेल किया, मेरे को बुरा लगा जी मतलब आपकी बेटी ने आपको चिट्ठी लिखी हम्म तब मेरे को लगा जे मेरा बच्चा लोग के लिए मैं इतना पूरा सेक्टिफी कर रहा है बैठी ऐसे बोल रहा है तो तब। मेरे को भी मैसेज क्योंकि मेरा माँ जो मेरा साथ नहीं किया, खोल के बात नहीं करता था, जब भी मेरा माँ के पास आता था, माँ भगा देता था तब मेरे को माँ को बोला था तो पैदा क्यों किया जब तुम्हारा मेरा पास तुम्हारा पास रखने नहीं शक तब नहीं था जब मैं खुद सेक्स सेक्स करके बोला था तब भी माँ का। धूप दर्द समझ में आया तब मैं सोचा जब बेटी जो मेरा माँ गलत किया मेरे को भी बेटी से फिर हुई रात को उसका होटल हॉस्टल में गया हम बोला जो तुम जो इतना बड़ा हमको चींटी लेना तुमको कभी मन नहीं आया तुम्हारा माँ। जो मांग रहा सब दे रहा, लेकिन तुमको टाइम नहीं दे रहा, किस लिए नहीं दे रहा, ये तुमको सोचना चाहिए था। बेटी का शायद दोस्त का माफी जब घुल मिल गया, मैं जो पेशा करती हूँ, जो में काम करती हूँ सब बोला। धीरे धीरे धीरे उसको समझ में आया, अब उस दुनिया में नहीं जाते आप उस दुनिया में। अब उन गलियों में जाते हैं, आप क्यों नहीं जाते हो मैं? रेड लाइट एरिया भी घर हुई मेरा उधर ही मैं ये जगह छोड़ कर मैं कहीं नहीं जाउंगी। बेटा भी बोलता है मेरे पास रुको बेटी भी मेरे को ये अच्छा लगता है ये जगह क्योंकि मेरा इधर सुकून है। अभी आप सेक्स वर्क से नहीं नहीं, सेक्स सर का देखो, सेक्स वर्क का कोई सेक्स वर्क का बोल नहीं सकता। मैं रिटायर कर रही हूँ कोई भी क्योंकि समय का साथ साथ थोड़ा उम्र भी हो जाता है और कस्टमर लोग का चॉइस भी धीरे धीरे बदल रहा है। कोई कस्टमर आता है तो बुरा कस्टमर जॉब आता है तो। कम उम्र का मने 2223 साल का लड़की खोजता है, पर ज्यादा तर अठा 20 साल का लड़का तो ज्यादा उम्र का औरत खोजता है, सब अलग अलग से वो लोग अभी कोई मेरा। 20 साल एक ही साल का कस्टमर अभी भी है दो तीन कस्टमर आता है रख तू मैंने वो आके बोलेंगे, चलो ₹300 शॉट में देगा, मैं नहीं छोडूंगी, बाबा ₹300 देके उसको कम करके भगाउंगी आपका क्या नाम है? मेरा नाम संध्या दास है। आप कब से सिक्स वर्क में आए, 19 साल कब से हूँ? कैसे कोई ले कर आया था या नहीं? नहीं, घर में छोटा भाई बहन है तो घर का जिम्मेदारी है, मैं बड़ी हूँ, कुछ तो करना पड़ेगा ना? अब जहाँ भी जाओ तो पहले तो यही काम करना पड़ेगा। अब किसी का घर में काम करना जाओ, उधर भी पहले यही करना पड़ेगा। मालिक लोग भलेगा ना ये करना है वो करना है इससे पहले तो उधर ना जाके इधर ही आ जाओ इसी लिए मैं इधर आ गयी हूँ ऐसा कभी हुआ है की आप लोग कही काम करने गए हो और क्नॉइस? हुआ नहीं है बट आँखों में बहुत कुछ देखा है ना मेरा साथ हुआ जब पति का घर मने शादी शुदा बेटी हुआ तब पति ठीक से नहीं देखता था। मने खर्चा वर्चा नहीं देता मैं एक इधर ही है उसका घर में मारवाड़ी लोग, उधर घर में बर्तन एक टाइप। तो उसका जो मालिक का जो बेटा था ना, उसका नजरिया मेरे को कभी आके मेरा बीच में खड़ा होता है ऐसे ऐसे ऐसे करता मेरे को ये लगा अच्छा नहीं लगा। मैं इसलिए काम छोड़ दिया जो तभी मैं ये किया जे जब मेरे को सेक्स वर्कर बनना है तो खोल के करो ये सब छुपाछुप। तुम्हारे पास काम करने के लिए काम कर रही है, उससे कोई मतलब नहीं तुम मेरे को क्यों ये करेगी मेरे को गुस्सा तब मैं अपने मर्जी से लाइन में आया। सब जगह सब लड़की को पूछो अपना शरीर देगा तभी काम मिलेगा, नहीं तो नहीं मिलता है अब राजमिस्त्री का काम करो। उधर में जो जुगाड़ होता है ना जो सीमेंट वाली लेके जाता है, उधर भी जो हेड रहता है प्रमोटर जो रहता है, जो भी है वो लोग भी उसके साथ सोना पड़ेगा तभी तुमको काम देगा। इसलिए लड़की लोग अभी सोजा सूज बने। डायरेक्ट इधर ही चलाया था, तुम्हारे पास क्यों? ₹80200 के लिए मैं दिन भर खड़ा रहूंगी तो मेरे को ₹1500 हो जाएगा। उधर सोने का जरूरत नहीं और बिना कंडोम में की भी भी होता है। अभी भी ये है राजमिस्त्री नहीं होता है। पहले होता था मैं पहले का बात अभी भी है, अभी भी है अभी भी जैसे। हर जगह पे इधर तो नहीं हो रहा है जैसे संतोषपुर उधर उधर उधर अभी भी है अभी बिना प्रोटेक्शन के हाँ अभी भी है, उधर जबरदस्ती करना पड़ेगा तुमको काम चाहिए तो करना ही पड़ेगा। एक है जो बोतले में रह के धंधा करता है, उसका ऊपर खुद का कंट्रोल रहता है। तुमको ये पैसा देना है? कंडोम ले के काम करना है, करो नहीं तो भागो। लेकिन दो जो लोग सीक्रेट बेस होता है ना लाइन लोग जो बार बार में घूम घूम के काम करता है उसके ऊपर खुद के ऊपर ये नहीं रहता कंट्रोल नहीं रहता है। जो तुमको कस्टमर ले के गए वो जो बोलेंगे वही करना पड़ेगा, नहीं तो तुमको पैसा नहीं देगा। जो जब इश्ती करेगा नहीं तो जान भी चला जा सकता। क्या नाम है आपका? लेकिन ये हिंदी बोलते आपको हिंदी नहीं बोलते ना? आप उसे हिंदी बोलते हो ना? ये स्वास्थ्य का है हमारे साथ ये ये बंगाल से ही है कोलकाता से ये हिंदी करके हमें बता देंगे। क्या नाम है आपका? ममता माईती। मोमिता आप कब से जुड़े हैं? 2005, 2005 से जुड़े हुए हैं संगठन में आप भी पहले इस इसमें थे, अभी एखा नहीं थाकता ये सोनागाची थे अमित हकता सोनागाची थे बोर होएची एखाने या मिशीला? क्या कह रही हैं? उनका जन्म जो है उधर मतलब इधर पे ही हुआ है सोनाबाजी पे ही हुआ है तो छोटे से लेकर अभी तक वो सोनाबाजी पे ही है। आप शुरू से यहीं पर सोनागाची में ही हैं शुरू से एक नहीं आची सोनागाची बोर होची एक नहीं अम्मा बीए होए थे, आपकी शादी भी आयी हुई थी हैं? जो शादी हुए थे एक लड़के का साथ उसका साथ बाल बच्चा उसका हो गया होने के बाद एक किसी से उनको प्यार हुआ है। प्यार होने के बाद उसका साथ वो बाजार में गया है। वो बाज़ार जाके ये काम किया है जो उन काम किया है जाने के बाद इनका घरवाला परिवार बहुत मारपीट किया है, तो उसका हज़्बंड भी मारा पीटा किया है और पूरा। मकान में जो था ना सब मिलकर उसको मारपीट किया है और फिर वो अपना वापस आ गया। लेकिन वो लड़का के साथ जो रिलेशन था वो उसका था तो 2005 साल में वहाँ के संगठन में जुड़े हैं क्योंकि ये एक सरकार का संगठन है इसलिए वह संगठन में जुड़े हैं। तब से संगठन में काम कर रहा है। लेकिन कोई कस्टमर जब मिलते है ना छोड़ते नहीं है। एक बात सिख ने बोल दिया कभी सेक्स और कल लोग का रिटायरमेंट नहीं होता है। कैसे आए थे ताई? किसी के साथ आए थे, कोई लेकर आया था नहीं, नहीं, हम बचपना में मम्मी पापा गुजर गया था, अब मम्मी पापा नहीं रहने से तो कोई देखता भी नहीं है। इधर उधर भटक भटक के जिसका घर में काम करने जाते थे, वो भी बोलता था पहला मेरा बाद में कुछ देखा जाएगा। ऐसा करके तब देखा हम बहुत सारा जहाँ जाते थे, यही चलता था तो हमको कोई ऐसी लाइन का ही कोई लड़की से मेरा फ्रेन्ड हो गया है। वो बोला चल हम इस जगह में काम करते खिदपुर में तू मेरे को लेके आई है क्या? उम्र थी ताई उसका मेरा 1819 बरस हो गया था। ये जो ताई हैं, ये मतलब इन सब के मुखिया हैं। ये सेक्रेटरी हैं दूरबार संस्था की ओर। इन्हीं की वजह से ये स्टोरी मुमकिन हो पाई है। वरना यहाँ पर एक्सेस मुश्किल है। किसी का बाहर से आना और शूट करना हमारी कोशिश थी की हम क्योंकि जो एक इंटेंस से हमारी बात हो रही थी की एक स्टिग्मा है। इन सब को लेकर तो हमें लगा उस स्टिग्मा को तोड़ना चाहिए और वहाँ दाखिल होना चाहिए और उन लोगों से बात करना चाहिए जिन्होंने अपने जीवन का गोल्डन टाइम इसमें बता दिया और अब उनके लिए लड़ाई लड़ाई बताइए। कहाँ से शुरुआत हुई इस सबकी देखिए 19192 में पहला जब हेच आइवी एड्स आया तो ये हेच आइवी एड्स सेक्स ऑर्कर के लिए ये भगवान हैं क्योंकि जब ये बिमारी आया ना। तब ये सेक्स और कर अपना जो घंडी होता है ना उसका बाहर आया। ये पहचान पाया क्योंकि ये काम करने जब करने गया हम लोग घर घर गया तो सब सबका स्टोरी अलग अलग था। सब कोई किसी से बात नहीं कर पाते थे। मान लीजिए ये पांचों हम लोग बैठे थे ना? एक ही जगह में बैठते थे। एक ही जगह में हम लोग काम करते थे, लेकिन कोई किसी से बात नहीं करते थे। तो धीरे धीरे जब हेच ए बीएस आया सबका घर में जाने के बाद बात करने के बाद हम लोग सोचे हैं जो एक दूसरे से मिलना चाहिए एक दूसरे का। जो दुख होता है सब में भाग लेना चाहिए, भाग देना भी चाहिए। एक संगठन बनाना चाहिए तो हम लोग तब संगठन बनाया पहले हम लोग को क्या सिखाया जो अपना शरीर अपना अधिकार अधिकार का बारे में सोचो सीखो हम देश का नागरिक है क्या? क्या हमारा सुविधा मिल सकता है? तो ये धीरे धीरे हम लोग बढ़ाते गया है। बढ़ाने के बाद बहुत सारा लड़की बोला ठीक है, मैं संगठन में जुटते हैं, आके अपना प्रॉब्लम बोलते थे, क्या बोलते थे मेरा बेटा को स्कूल में गया वो निकाल दिया। बोला एक एक और का बच्चा है। इनको स्कूल में सब मतलब भेदभाव करते थे। तो बच्चा रोते रोते घर में चलाते तो ताई फिर कैसे अडमिशन होते थे? हाँ वही तो बात है, वही बात है, मैं जा रही हूँ तो एडमिनिस्ट्रेशन झूठ बोलके होते थे क्योंकि पिता का परिचय चाहिए कोई ना कोई पिता बना देते वो है भी नहीं है। एक नाम बैठा देते है एडमिशन कराने के लिए एडमिनिस्ट्रेशन कराने के लिए। तो जब वो स्कूल में पता चलता है ना एड्रेस में जे सोनागाची का तब उसका अपूर्ण ना भेदभाव होता है। ए पीछे बेंच में जाके बैठो आके पूछता है मम्मी हमको ऐसा बोला है तो बच्चा जब रोता है तो बच्चा जब मम्मा मम्मी का वो सामने में रोयेगा तो मम्मी को कितना दुख पहुंचाएगा? जो मैं ये काम करती तो मेरा बच्चा को ऐसा बोला तो हम लोग क्या किया? अपने अपना कम्यूनिटी में बात करके हम लोग गया टीचर का पास पहला इधर जाके टीचर से बात किया है जो आप तो सरकारी टीचर है आपका। लेकिन आपका ख्याल से क्या बोलते हैं? कोई कम्यूनिटी देके, कोई पैसा देके, कोई काम देके, शिक्षा देना है ना सबको देना है, सबको देना है तब भेदभाव क्यों होता है? आप तो टीचर है, आपको देखना काम है ना? शिक्षा का अधिकार तो सबका सबका अधिकार है तो आपको देखना काम है। तो बोला ये बात सही है। तो पहले हम लोग क्या किया अडवोकेट ही शुरू किया कहाँ किया टीचर लोग का साथ पुलिस लोग का साथ सरकारी दफ्तर में किया हर स्टेप ब्य स्टेप हम लोग अडवोकेट शुरू किया मैडम का साथ किया का जो क्लब में किया है। धीरे धीरे हम लोग क्या चाहते हैं? उन लोग को समझाया तब धीरे धीरे संगठन में आकार लिया है। तो एक कट्टा बनके हम लोग बोला हमरा बच्चा हमरा परिचय हम किसी का परिचय में नहीं देंगे तो फिर माँ के नाम पे अडमिशन होने लगे। हाँ होने लगे अभी तो माँ के नाम से ही होता है ना? ये चालू किया है। इतना आसानी से नहीं हुआ जितना आसानी से मैंने बोला ना इतना आसानी से नहीं हुआ है इसलिए हम लोग सोचा धीरे धीरे हम लोग का स्टेप ब्य स्टेप आगे बढ़ना है तो स्कूल में बच्चा भर्ती हो गया तब हम लोग सोचा सब मिलके सपना देखो एक। क्या स्वप्न है सेक्स ऑर्कर लोग का एक ऑफिस होना चाहिए पूरा ओल्ड में पता चलेगा सेक्स ऑर्कर का एक ऑफिस है तो ऑफिस में बैठा है। अभी एक में बैठ के आया इधर भी बैठा है और सेक्स ऑर्कर नाम बोलके एक हॉस्टल होना चाहिए। वहीं पर सेक्स और चिल्ड्रेन भी रहेगा और जनरल पापुलेशन का बच्चा भी रहेगा जो जिसका है जैसा अमलासोल पुरुलिया निर्माण श्रमिक का सब श्रमिक का बच्चा कोई भी आ सकता है। जो भी आएगा, हम लोग सबको एक्सेप्ट कर लेंगे। तो फिर सपना देखा मेरा संगठन का इतना दूर हम लोग जा सकते हैं। ये संगठन अभी दूर बार ग्लोबल हो गया है। ग्लोबल में इसका नाम है जो मेरा लोगो है, देखते हैं वो एक भी औरत का छोंबी है ना इसलिए कम्यूनिटी बेस्ड ऑर्गेनाइजेशन। अपने आप हम लोग सोचते बैंक में कोई खता नहीं खुला सकता है तो खता कैसे खुलेंगे? पैसा कहाँ जमा करेंगे जितना पैसा हम लोग कमाते दारु पीके खाना खाके और कोई आके खाके चला जाता है? पैसा हाथ में रहता नहीं है, कमाते है लेकिन कोई रहेगा रखेगा तब तो जमेगा तो बैंक हम लोग का होना चाहिए। तो सरकारी बैंक में हम लोगो का खाता नहीं खोला जाता है। बोलता है ये लोग भिकारी का जैसा है। ये लोग का कोई डाक्यूमेंट्स नहीं है तो बैंक का खता कैसे होगा तो हम लोग सोचे हम लोग भिकारी है, इंसान नहीं है तो वो भी दिखा देंगे। बोल के 19195 में 21 जुलाई में कोओपरेटिव उषा मल्टीपर्पस को ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड वर्ल्ड में कोई जगह से एक और का को ऑपरेटिव नहीं है। में है ठीक है बैंक हम लोग बनाया अब दूसरा दूसरा सरकारी बैंक नहीं अभी चलके यही पर आते हैं टेबल पे आके बैठते हैं मैडम कैंप बनाइए ना। तो बैंक का खाता खोल दीजिए, जो पहले आपके खाते नहीं खुलते थे। अब बैंक आपके दरवाजे तक आ रही है। खाते खुलवाने के लिए हर महीना कोई ना कोई बैंक आता है। अभी कितना बैंक में हम लोग खाता खुलेंगे? बोलिए एक टाइम एक का बैंक का खाता नहीं था तो ताई ये सब जब पूरी मशक्कत लड़ाई लड़ रही थी आप? जब आप स्कूल में जाकर आप लोग लड़ाई लड़ रहे थे कि बच्चों को अडमिशन दो, जब बैंक में जाकर आप लड़ाई लड़ रहे थे कि हमारा खाता खोलो तो सरकार के तरफ से कोई खड़ा हुआ आपके साथ या आप लोग अकेले अपना मोर्चा कोई सरकार का तरफ से खड़ा नहीं हुआ है जो मेरा सामने में फोटो देख रहा है। डॉक्टर सरोजित जाना है। सर ने पहले उद्योग लिया है, हम लोग को जो आप लोग का अपना अधिकार अपना खुद बोलिए, अपना मुख से कुछ होते थे, उनको पूछते थे, आके बोलते थे ये जगह जाओ, वो जगह जाओ, ये बात करो तो धीरे धीरे हम लोग क्या है? वो ट्रेंड हो गया इंटरवेन्शन प्रोग्राम चलता है जो स्लिप देता है ना वो कार्ड में लेके। वोटर आई कार्ड बना है तब से आप आज तक वो चालू है कैंप जो पूरा इलेक्शन जो लोग है ना मेरा ऑफिस में आके वो लोग कैंप बैठा था हम लोग लड़की लोग को बुला देते है, इसको कार्ड बनाओ। इसका क्या नाम है? ताई आप कहाँ से है? मैं पश्चिम बंगाल से ही हूँ। हाँ, बंगाल से। आप कैसे आए यहाँ पर? मैं यहाँ एक बिमारी के बारे में ट्रीटमेंट के वजह से आया था। 2005 में फिर ये संगठन में जो है वो आप भी सेक्स वर्क से जुड़े थे नहीं हाँ, एचआइवी पॉज़िटिव सबसे मैं एक एचआइवी पॉज़िटिव हूँ। उस टाइम मेरे को ले के आया था इलाज कराने के लिए जो हमारा है डिस्ट्रिक्ट में वहाँ से मेरे को यहाँ इलाज कराने के लिए उस टाइम कही भी ट्रीटमेंट नहीं चलता था। गवर्नमेंट में मेरे को पता भी नहीं था तो से ट्रीटमेंट ले के सब लोग बस जिंदा रहता। आप अपने परिवार के साथ रहते थे। पहले वाला मेरा जो हज़्बंड है वो डेथ हो गया? उनसे मेरा पास हेच आइवी है और दूसरा में शादी को है जो से दवाई लेके अभी तक भी अभी ठीक है आप? हाँ दोनों ठीक है तो बाहर इलाज भी करा रहे है आपको हाँ उस टाइम तो कहीं भी इलाज नहीं था। 2005 से पहले 2005 से गवर्नमेंट फ्री में किया है चालू। स्कूल ऑफ ट्रैफिक से उससे उससे पहले दूर बार ही देते थे। ट्रीटमेंट जितना पॉज़िटिव पहले पुराना जिंदा है, सब दूर बार से दवाई लेके जिंदा है। एक बात ये बताइए जैसे की जैसे वो बता रही है की जब से दूर बार आया तब से आपकी जिंदगी में बहुत बदलाव आया। बच्चों को अडमिशन मिलने लगा। राशन कार्ड बनने लगा, राशन भी मिला, कोविद भी ठीक से गुजर गया। लेकिन दरबार के बनने के पहले के क्या हालात थे? बहुत खराब हाल था क्योंकि पुलिस का रेड था। पार्टी पॉलिटिक्स का भी झमला था। गुंडालों का भी अत्याचार था। मैं देखा जब छोटा था माँ का ऊपर माँ। बाहर में धंधा करने के लिए जाता था, लेकिन उधर एक बार गुना उठा के लेके गया। एक बार पुलिस पकड़ा, पुलिस पकड़ा उसका सस्ती क्या है? 100 बार उठक बैठक करो नहीं तो डंडा लेके हाथ मरता था। ये ही सरकार को कहना चाहते है हमारा जायेगा में हमको रहने दीजिये। लेकिन कोई डिस्टर्ब करे तो आप देखिये हम लोग स्ट्रमिक हैं। स्ट्रमिक का दो दर्जा दर्जा दीजिये ये रिपोर्ट एक कोशिश है की हम सोनागाची आकर लोगों से मिले जो सेक्स वर्कर है और देह व्यापार में संलिप्त है। हमारी कोशिश रही कि जहाँ तक हमारा कैमरा जा पाए, वहाँ तक कि हम रिपोर्ट आप तक लेकर आए क्योंकि कैमरा की अपनी सीमाएं हर जगह कैमरा नहीं पहुँच पाता। हमने उनसे भी बात करी जो सेक्स वर्क में इन्वाल्वड है। हमने उनसे भी बात करी जिनकी माई सेक्स वर्कर है और जिनका जन्म सोनागाछी में हुआ। हमने उन सेक्स वर्कर से भी बात करी जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई। अपने बच्चों की पढ़ाई में लगा दी और आज उनके बच्चे सरकारी नौकरियां कर रहे हैं। जहाँ तक हमारा कैमरा पहुंचा, वहाँ तक की कहानियों हम आपके बीच लेकर आए हैं। बाकी इस रिपोर्ट पर आप जो भी सोचते हैं, हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं। मेरा नाम रजत है और इस रिपोर्ट में हमारे साथ हमारा साथ दिया स्वास्थिका ने देखते रहे लल्लनटॉप शुक्रिया।