UP Teacher Bharti: शिक्षक भर्ती को लेकर क्यों चल रहा है विवाद? जानें असिस्टेंट टीचर बनने के लिए जरूरी योग्यता और आयु सीमा

Uttar Pradesh Assistant Teacher Qualifications: उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती (UP Teacher Bharti) का मुद्दा एक बार फिर से गरमा गया है, जिसका मुख्य कारण पुरानी भर्तियों के कानूनी पेंच और नई भर्तियों में हो रही देरी है। हजारों अभ्यर्थी अपनी नियुक्तियों के लिए लखनऊ की सड़कों से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष कर रहे हैं। इस विवाद के बीच, नए उम्मीदवारों के मन में पात्रता और उम्र सीमा को लेकर कई सवाल हैं। अगर आप जानना चाहती हैं कि UP शिक्षक भर्ती विवाद क्या है और सरकारी अध्यापक बनने के जरूरी योग्यता क्या है?

असिस्टेंट टीचर बनने के लिए जरूरी योग्यता क्या है?

वर्तमान नियमों और कोर्ट के फैसलों के अनुसार, प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए B.Ed की पात्रता पर समय-समय पर बदलाव होते रहते हैं, फिलहाल BTC/D.El.Ed को प्राथमिकता दी जाती है। अगर आप उत्तर प्रदेश में सहायक अध्यापक बनना चाहती हैं, तो आपके पास नीचे बताई गई योग्यताएं होनी चाहिए-

प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक) के लिए योग्यता

  • किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से 50% अंकों के साथ स्नातक।
  • 2 वर्षीय D.El.Ed (BTC) या इसके समकक्ष डिप्लोमा।
  • आपको UP TET या CTET (प्राथमिक स्तर) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
  • राज्य सरकार द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा सुपर टेट को पास करना होगा।

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उच्च प्राथमिक / LT ग्रेड (कक्षा 6 से 10 तक) के लिए योग्यता

  • संबंधित विषय में स्नातक के साथ B.Ed की डिग्री होना अनिवार्य है।
  • LT ग्रेड भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित परीक्षा पास करनी होती है।

असिस्टेंट टीचर बनने की आयु सीमा

  • न्यूनतम आयु- 21 वर्ष (UPTET के लिए 18 वर्ष)।
  • अधिकतम आयु (सामान्य वर्ग)- 40 वर्ष।
  • आरक्षित वर्गों के लिए छूट का प्रावधान
  • OBC/SC/ST के लिए 5 वर्ष की छूट (यानी 45 वर्ष तक)।
  • दिव्यांग के लिए 15 वर्ष की छूट (यानी 55 वर्ष तक)।
  • भूतपूर्व सैनिक के लिए नियमों के अनुसार 3 से 15 वर्ष तक की छूट।

UP शिक्षक भर्ती विवाद क्या है?

69,000 शिक्षक भर्ती का आरक्षण विवाद, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार ने आरक्षण नियमों का सही पालन नहीं किया, जिससे ओबीसी (OBC) और एससी (SC) वर्ग की हजारों सीटों का नुकसान हुआ। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही है। बीते दिन अभ्यर्थियों ने न्याय की मांग को लेकर लखनऊ में बड़े प्रदर्शन किए हैं।

हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को राज्यभर के असिस्टेंट शिक्षकों के स्क्रूटनी करने का आदेश दिया है। कोर्ट को संदेह है कि कई नियुक्ति फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर की गई हैं।

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के आयोजन में हो रही देरी ने भी छात्रों को नाराज कर दिया है। अभ्यर्थियों का मानना है कि यदि TET समय पर नहीं हुआ, तो वे आगामी 22,000 से अधिक पदों की भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे।

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