क्या होती है फैमिली पेंशन? एक से ज्यादा पत्नियां हो तो किसे मिलेगा इसका फायदा, कितनी मिलती है रकम? जान लें अपने काम की बात

रिटायरमेंट के बाद आराम से जिंदगी गुजारने के लिए अक्सर लोग समय से पहले पेंशन का इंतजाम कर लेते हैं, ताकि मुश्किल की घड़ी में उसके परिवार को आर्थिक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े. फैमिली पेंशन अपने परिवार का ख्याल रखने का ही इंतजाम है. फैमिली पेंशन स्कीम में पति की मौत के बाद पत्नी को पेंशन ट्रांसफर हो जाती है. मतलब पेंशन स्कीम के तहत पत्नी को बतौर नॉमिनी रखा जाता है. इसका फायदा यह होता है कि अगर 60 साल के बाद पति की मौत हो जाती है, तो सरकारी पेंशन स्कीम की तरह पत्नी को पेंशन की आधी रकम यानी 50% दी जाएगी. पति की 60 साल से पहले मौत होने पर पत्नी को पूरी पेंशन मिलती है.

आइए जानते हैं फैमिली पेंशन का फायदा कौन ले सकता है? अगर किसी फैमिली में एक से ज्यादा पत्नियां हैं, तो किसे मिलेगा इसका फायदा? फैमिली पेंशन के लिए कैसे अप्लाई करेंगे:-

कौन ले सकता है फैमिली पेंशन का फायदा?2004 तक के सरकारी नियमों के अनुसार, मृत कर्मचारी की विधवा/विधुर को पुनर्विवाह या मौत होने तक फैमिली पेंशन दी जाती है. अगर मृत कर्मचारी की कोई विधवा/विधुर नहीं है, तो यह उस कर्मचारी पर निर्भर बच्चों को दिया जाता है, जिनकी उम्र 25 साल से कम है.

परिवार के किन सदस्यों को मिलता है फायदा?फैमिली पेंशन देने के लिए EPFO ने एक नियम बनाया है.नियमों के मुताबिक, अगर कर्मचारी के बच्चों की उम्र 25 साल से कम है, तो दो बच्चों को भी पेंशन का फायदा दिया जाता है. ऐसे मामले में दोनों बच्चों को पेंशन का 25-25 फीसदी हिस्सा दिया जाता है. अगर किसी कर्मचारी के बच्चे शारीरिक तौर पर अक्षम हैं, तो उन्हें जिंदगी भर 75 फीसदी पेंशन दी जाती है.

अगर परिवार में एक से ज्यादा पत्नियां हो तो?कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के तहत आने वाले Department of Pension and Pensioners’ Welfare (DoPPW) ने सभी केंद्रीय सरकारी विभागों को बताया है कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी या पेंशनर की मौत के बाद एक से ज्यादा पत्नियां जीवित हैं, तो फैमिली पेंशन का पेमेंट कैसे होगा. इसमें Central Civil Services (Pension) Rules, 2021 के Rule 50 में दिए गए नियमों को दोहराया गया है, जो फैमिली पेंशन के बांटने से जुड़े हैं.

Rule 50(6)(1) के हिसाब से 'विधवा' या 'विधुर' का मतलब सिर्फ कानूनी रूप से शादीशुदा जीवनसाथी से है. Rule 50(8)(c) के मुताबिक, 'अगर किसी मृत सरकारी कर्मचारी या पेंशनर की एक से ज्यादा विधवाएं हैं, तो फैमिली पेंशन दोनों को बराबर हिस्सों में मिलेगी. अगर किसी विधवा की मौत हो जाए या वह पेंशन पाने की पात्ररहे, तो उसका हिस्सा उसके पात्र बच्चों को मिलेगा.'

हिंदू विवाह कानून के तहत दूसरी शादी अवैधहालांकि, विभाग ने कहा कि कई मामलों में यह सवाल उठता है कि जब कोई सरकारी कर्मचारी या पेंशनर Hindu Marriage Act, 1955 के तहत आता है, तो दूसरी शादी के बाद क्या स्थिति होती है. इस पर DoPPW ने साफ कहा है, 'पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करना Hindu Marriage Act, 1955 का उल्लंघन है. यह CCS (Pension) Rules, 2021 के खिलाफ भी है.' सरकार ने यह भी कहा है कि जहां किसी कर्मचारी की दो पत्नियों से जुड़े पेंशन मामले हों, वहां Department of Legal Affairs से राय लेना अनिवार्य है.

कोई शादी नहीं करता तो?नियमों के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी शादी नहीं करता और उसकी मौत हो जाती है, तो ऐसे मामले में उसके माता-पिता को उम्र भर उसकी पूरी पेंशन दी जाती है.

कौन-कौन स्कीम के दायरे में?यह स्कीम असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों पर ही लागू होगी. इनमें घर में काम करने वाले, रेहड़ी लगाने वाले दुकानदार, ड्राइवर, प्लंबर, दर्जी, मिड-डे मील वर्कर, रिक्शा चालक, निर्माण कार्य करने वाले मजदूर, कूड़ा बीनने वाले, बीड़ी बनाने वाले, हथकरघा, कृषि कामगार, मोची, धोबी, चमड़ा कामगार इत्यादि शामिल हैं.

कितनी मिलती है रकम?पेंशन के नियमों के अनुसार,फैमिली पेंशन सरकारी कर्मचारी की मूल तनख्वाह का 30% है. लेकिन, यह 3500 प्रति माह से कम नहीं हो सकता. वहीं, असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मी की इनकम 15,000 रुपये महीना से अधिक नहीं होनी चाहिए. पात्र व्यक्ति का सेविंग बैंक अकाउंट और आधार नंबर होना चाहिए.

फैमिली पेंशन के लिए कैसे करेंगे अप्लाई?फैमिली पेंशन के लिए अप्लाई ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से किया जाता सकता है. ऑफलाइन मोड पर अप्लाई करने के लिए मृतक के पेंशन वितरण प्राधिकरण (जैसे बैंक या कोषागार) से संपर्क करें. सही-सही फॉर्म भरें और जरूरी दस्तावेज लगाएं. आपको डेथ सर्टिफिकेट, मृतक का आधार कार्ड, PPO लगाना होगा. ऑनलाइन मोड पर अप्लाई करने के लिए Pensioners Portal पर विजिट करें.

कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?फैमिली पेंशन के लिए अप्लाई करना है तो आपके पास परिवार के मुखिया का डेथ सर्टिफिकेट, पेंशन भुगतान आदेश (PPO) की कॉपी, पहचान प्रमाण (आधार, पैन), बैंक डिटेल, कैंसिल चेक, रिलेशन का सर्टिफिकेट और सेल्फ डिक्लेयरेशन चाहिए.