इटावा डबल मर्डर: गुजारा भत्ता देने के फैसले से नाराज था सतेंद्र, रिश्तेदार संग मिलकर की पत्नी और सास हत्या

जागरण संवाददाता, इटावा। सोमवार को भरथना के चंदेठी गांव में मां-बेटी की धारदार हथियार से गला रेतकर हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने महज चार घंटे में खुलासा कर दिया।

इस हत्याकांड को अंजाम पति ने अपने मौसेरे साले के साथ मिलकर न्यायालय में तीन वर्ष से चल रहे पारिवारिक विवाद के मुकदमे में 12 दिन पहले कोर्ट से पत्नी को प्रतिमाह गुजारा भत्ता सात हजार व मुकदमे की अवधि में हुए खर्च के एवज में तीन लाख रुपये देने के आदेश से खफा होकर योजना बनाकर की थी। हत्या के लिए पति ने मौसेरे साले मुकेश से ढाई लाख रुपये में सौदा किया था।

साजिश के तहत 15 अगस्त की शाम हत्यारोपित मुकेश जो कि को सतेन्द्र की पत्नी मंजू का दूर के रिश्ते से भाई लगता है उनके घर पहुंचा था। उसने मंजू और उसकी मां पुष्पा को पहले नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर बेहोश किया और फिर दोनों के हाथ पैर बांधकर पति सतेन्द्र को घर बुलाकर दोनों का गला रेतकर हत्या कर दी थी।

सास पुष्पा का गला मुकेश, जबकि मंजू का गला खुद पति सतेन्द्र ने दरांती से रेता था। इसका खुलासा सोमवार शाम पुलिस मुठभेड़ में महज चार घंटे बाद गिरफ्तार हुए हत्यारोपित मौसेरे साले मुकेश ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया है। वह दाहिने पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया।

उसके पास से पुलिस ने हत्या की सुपारी के रूप में मिले 2 लाख 31 हजार रुपये, एक तमंचा, कारतूस और वारदात में प्रयुक्त लाल स्कूटी बरामद की है। मुकेश सेना से बरेली से चोरी के मामले में वर्ष 2010 में बर्खास्त हुआ था।

एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार सुबह भरथना क्षेत्र के चंदेठी गांव में मां पुष्पा व बेटी मंजू के शव मिलने की सूचना पर अधिकारियों संग मौके पर पहुंचकर जांच की और घटना के राजफाश के लिए एसओजी, सर्विलांस और भरथना थाना पुलिस की टीमें लगाईं थी।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान मृतका मंजू व पुष्पा के घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में 15 अगस्त की रात एक लाल रंग की स्कूटी आते जाते दिखी थी। सीसीटीवी फुटेज और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को हत्याकांड से जुड़े मुकेश यादव निवासी नगला तुला, थाना कुर्रा, मैनपुरी के बारे में सुराग लगा।

उन्होंने बताया कि स्कूटी के नंबर की जांच पर पता चला कि स्कूटी मुकेश के नाम पर रजिस्टर्ड थी। इस पर शक और गहराया और टीमें उसकी तलाश में जुट गई। इसी बीच शाम करीब पांच बजे मुकेश को जारपुरा-साम्हों मार्ग से मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में मुकेश ने बताया कि उसकी मुलाकात मौसेरे जीजा सतेन्द्र उर्फ करिया निवासी ग्राम मिदिया थाना किशनी जनपद मैनपुरी से 13 अगस्त को न्यायालय में पेशी के दौरान हुई थी। यहां सतेन्द्र ने पत्नी मंजू से वैवाहिक विवाद की बात बताई थी।

दोनों के बीच 2023 से गुजारा भत्ता एवं तलाक का मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। हाल में न्यायालय ने सतेन्द्र को पत्नी मंजू को सात हजार रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता व तीन लाख रुपये अतिरिक्त देने का आदेश दिया था। इसी से खफा होकर उसने पत्नी और सास की हत्या की योजना बनाई।

मुकेश के मुताबिक, 15 अगस्त को वह और सतेन्द्र चंदेठी गांव के बाहर मिले। मुकेश ने मंजू और उसकी मां को नशीली कोल्ड ड्रिंक पिला दी। दोनों के बेहोश होने के बाद अंधेरा होने पर सत्येंद्र पीछे के दरवाजे से घर में बुलाकर दोनों ने पहले सास के हाथ-पैर दुपट्टे से बांधे।

मुकेश ने उसके पैर पकड़े और सत्येंद्र ने चाकू से उसका गला रेत दिया। इसके बाद घर में मौजूद दरांती से सतेन्द्र ने पत्नी मंजू का भी गला काटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद सत्येंद्र ने मुकेश को फरारी काटने के लिए ढाई लाख रुपये दिए और वहां से भाग गए।

एसएसपी ने बताया कि मुकेश के पास से सतेन्द्र द्वारा दिए गए 2 लाख 31 लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। मुख्य आरोपित सतेन्द्र उर्फ करिया फरार है, पुलिस टीमें उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं, जल्द उसे गिरफ्तार किया जाएगा। मंजू के भाई अर्पित ने सतेन्द्र, उनके बहनोई विजय सिंह, मुकेश यादव व एक अन्य के खिलाफ हत्या व दहेज अधिनियम में मुकदमा दर्ज कराया है।

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