कल मां से हुई थी बहस, घर से गुस्से में निकली; आज रोहित पवार के PA की बेटी का मिला शव

Rohit Pawar PA Daughter: महाराष्ट्र के पुणे जिले में रविवार को बारामती से एनसीपी (शरद पवार) के विधायक रोहित पवार के निजी सहायक (PA) की बेटी का शव मिला है। स्थानीय पुलिस ने इसकी जानकारी दी है। अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हो सका है कि यह हत्या है या आत्महत्या। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और हर पहलू से इसकी पड़ताल की जा रही है। इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि शव रोहित पवार के पर्सनल असिस्टेंट अजीत दशावतारे की बेटी की ही है।

न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि शनिवार को घर से गुस्से में निकलने से पहले लड़की की अपनी मां से किसी बात पर मामूली बहस हुई थी। जब वह वापस नहीं लौटी तो उसके परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि रविवार सुबह बारामती के रुई गांव के साईनगर इलाके में घर के पास उसका शव मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए बारामती सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेज दिया।

इस मामले पर रोहित पवार का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा डिप्टी एसपी और दूसरे अधिकारियों से बात करने की बात की है। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह आत्महत्या का मामला है या इसमें कोई मर्डर की आशंका है तो रोहित पवार ने कहा, ‘चूंकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए मुझे नहीं लगता कि इस कोई टिप्पणी करना सही होगा। परिवार इस मामले को लेकर बहुत भावुक है और लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इसलिए हमने पूरा मामला पुलिस विभाग और परिवार पर छोड़ दिया है।’

रोहित पवार ने क्या-क्या कहा

अगले तीन घंटों में पुलिस उस बिल्डिंग और आसपास के इलाके का CCTV फुटेज देखेगी। उसकी समीक्षा की जाएगी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाएगी तब हम इस बारे में बात कर पाएंगे कि असल में क्या हुआ था। मैंने पुलिस विभाग को साफ तौर पर कह दिया है कि इस मामले में उनकी किसी भी लापरवाही का उन्हें भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा।'

बारामती में अपराधों में हो रही कुल बढ़ोतरी पर बात करते हुए रोहित पवार ने कहा, 'चाहे बारामती हो या महाराष्ट्र का कोई और तालुका या गांव अगर कोई ऐसी घटना होती है तो यह हमें मंजूर नहीं है। इससे यह भी पता चलता है कि पुलिस प्रशासन का डर कुछ हद तक कम हो गया है। हालांकि इस खास घटना के बारे में हम अभी पक्के तौर पर नहीं कह सकते कि असल में क्या हुआ था। हालांकि, यह पक्का है कि गृह विभाग बारामती और आस-पास के इलाकों में हो रही अलग-अलग घटनाओं को संभालने में नाकाम साबित हो रहा है।''