पंजाब में BJP अब नहीं निभाएगी छोटे भाई की भूमिका, 50-50 फॉर्मूले पर ही अकाली दल से गठबंधन
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केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच गठबंधन होता है तो वह केवल समान सीटों के बंटवारे की शर्त पर ही होगा। अमृतसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा अब राज्य में छोटे भाई या जूनियर पार्टनर की भूमिका नहीं निभाएगी।
हरदीप पुरी ने साफ किया कि पिछला 22-23 सीटों वाला पुराना फॉर्मूला अब नहीं चलेगा। पंजाब की कुल 117 विधानसभा सीटों में से पहले भाजपा केवल 22-23 सीटों पर चुनाव लड़ती थी और बाकी सीटों पर अकाली दल उम्मीदवार उतारता था।
आपको बता दें कि अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के बीच हुई मुलाकात के बाद दोनों पुराने सहयोगियों के फिर से साथ आने की अटकलें लगाई जा रही थीं। कृषि कानूनों के विरोध में अकाली दल ने 2020 में एनडीए का साथ छोड़ दिया था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब में नशे के प्रकोप को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर युद्ध स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने राज्य की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के शासन में पंजाब के हालात खराब हो चुके हैं। राज्य की जनता और यहां तक कि पुलिस बल भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।