नौकरीपेशा लोगों के लिए एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) भविष्य की एक बड़ी सुरक्षा पूंजी होता है। अक्सर लोग किसी बड़ी जरूरत, जैसे बीमारी, शादी या घर खरीदने के समय अपने पीएफ खाते से एडवांस पैसा (पार्शियल विड्रॉल) निकालते हैं। अगर आप भी अपनी किसी जरूरत के लिए पीएफ से एडवांस पैसा निकालने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए नए नियमों को जानना बेहद जरूरी है। साल 2026 में लागू हुई नई ईपीएफ स्कीम (EPF Scheme 2026) के तहत पीएफ से एडवांस पैसा निकालने का पूरा तरीका बदल गया है।
इस नए बदलाव का सबसे बड़ा असर आपकी विड्रॉल लिमिट पर पड़ने वाला है, क्योंकि अब आप अपने पीएफ खाते का पूरा पैसा एक साथ नहीं निकाल पाएंगे। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने इस व्यवस्था को इसलिए बदला है ताकि हर नौकरीपेशा व्यक्ति के रिटायरमेंट के लिए एक निश्चित फंड हमेशा सुरक्षित बना रहे और वे अपनी पूरी जमा-पूंजी समय से पहले खत्म न कर दें।
कितना पैसा निकाल सकते हैं आप?
इस नई स्कीम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा '25% का अनिवार्य नियम' है। नए नियम के मुताबिक, अब आपके ईपीएफ अकाउंट में जितना भी कुल बैलेंस मौजूद होगा, उसका कम से कम 25% हिस्सा हमेशा खाते में ही लॉक रहेगा। आप केवल बचे हुए 75% हिस्से को ही एडवांस के तौर पर निकाल सकेंगे। इसे समझने के लिए ईपीएफओ ने एक नया शब्द पेश किया है, जिसे 'एलिजिबल मेंबर बैलेंस' (Eligible Member Balance) कहा जाता है। आसान शब्दों में कहें तो, आपके कुल पीएफ फंड में से 25% रिजर्व हिस्सा हटाने के बाद जो 75% की रकम बचती है, वही आपका एलिजिबल मेंबर बैलेंस है।
भविष्य में आप अपनी जिन भी जरूरतों के लिए क्लेम करेंगे, उसकी गणना इसी 75% रकम के आधार पर की जाएगी। उदाहरण के तौर पर, अगर आपके पीएफ खाते में कुल 10 लाख रुपये जमा हैं, तो नए नियम के तहत 2.5 लाख रुपये (25%) आपके खाते में हमेशा सुरक्षित रहेंगे और आपकी निकासी की सीमा केवल बाकी बचे 7.5 लाख रुपये (एलिजिबल मेंबर बैलेंस) के दायरे में ही तय होगी।
किस काम के लिए कितना पैसा निकाल सकते हैं
नई गाइडलाइंस के तहत विभिन्न आवश्यकताओं जैसे घर खरीदने, इलाज, पढ़ाई और शादी के लिए पैसे निकालने के नियमों को भी सुव्यवस्थित किया गया है। अगर आप नया मकान या फ्लैट खरीदना चाहते हैं, जमीन की रजिस्ट्री करा रहे हैं, घर का कंस्ट्रक्शन करवा रहे हैं या अपना कोई पुराना होम लोन चुकाना चाहते हैं, तो आप अपने 'एलिजिबल मेंबर बैलेंस' का पूरा 100% तक एडवांस निकाल सकते हैं।
इसी तरह, अगर परिवार में कोई गंभीर मेडिकल इमरजेंसी आ जाए या किसी सदस्य के इलाज के लिए पैसों की अचानक जरूरत पड़ जाए, तो भी आप इस एलिजिबल बैलेंस का पूरा 100% हिस्सा निकाल कर इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा, किसी भी आर्थिक तंगी या आपातकालीन परिस्थिति में, जहां नियमों के तहत मंजूरी हो, वहां 25% अनिवार्य बैलेंस को छोड़कर मिलने वाली पूरी रकम (100% एलिजिबल बैलेंस) निकाली जा सकती है।
बच्चों या खुद की हायर एजुकेशन (उच्च शिक्षा) और शादी-ब्याह के लिए भी पीएफ विड्रॉल के नियम अब काफी स्पष्ट कर दिए गए हैं। पढ़ाई के खर्च के लिए आप अपने एलिजिबल मेंबर बैलेंस का 100% हिस्सा निकाल सकते हैं, लेकिन अपनी पूरी नौकरी (ईपीएफओ मेंबरशिप) के दौरान आप अधिकतम 10 बार ही इस सुविधा का लाभ उठा पाएंगे। 10 बार की लिमिट खत्म होने के बाद पढ़ाई के नाम पर दोबारा एडवांस नहीं मिलेगा।
परिवार में शादी हो तो कितना निकाल सकते हैं?
वहीं, खुद की या परिवार के किसी सदस्य की शादी के लिए भी आप एलिजिबल बैलेंस का 100% तक विड्रॉल कर सकते हैं, मगर इसके लिए पूरी सर्विस लाइफ में अधिकतम 5 बार की ही सीमा तय की गई है। इन सभी प्रकार के एडवांस विड्रॉल के लिए सबसे बुनियादी और जरूरी शर्त यह है कि कर्मचारी का कम से कम 12 महीने तक ईपीएफओ का एक्टिव मेंबर होना अनिवार्य है।
जहां तक पीएफ निकासी पर टैक्स और अन्य प्रक्रियाओं की बात है, तो ध्यान रखें कि लगातार 5 साल की नौकरी का नियम अब भी पूरी तरह लागू है। हालांकि, इस 5 साल के नियम का एडवांस पैसा निकालने की अनुमति से कोई लेना-देना नहीं है; यह सिर्फ टैक्स कैलकुलेशन के लिए है। अगर कोई कर्मचारी लगातार 5 साल की सर्विस से पहले पैसे निकालता है, तो उसे टैक्स के दायरे में आना पड़ सकता है।
ऑनलाइन क्लेम करने की प्रक्रिया को बेहद आसान रखा गया है। इसके लिए आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) आधार से लिंक होना चाहिए, केवाईसी (KYC) पूरी होनी चाहिए और सही बैंक खाता व पैन (PAN) नंबर दर्ज होना चाहिए। अगर आपकी केवाईसी पूरी है, तो आपको कोई भी फिजिकल डॉक्यूमेंट देने की जरूरत नहीं पड़ती, हालांकि इलाज या पढ़ाई जैसे मामलों में ईपीएफओ जरूरत पड़ने पर मेडिकल रिकॉर्ड या एडमिशन के कागजात मांग सकता है।
एक्सपर्ट्स और ईपीएफओ का यही सुझाव है कि पीएफ को अपने बुढ़ापे का सहारा यानी लॉन्ग-टर्म सेविंग के रूप में ही देखना चाहिए। एडवांस विड्रॉल का विकल्प केवल तभी चुनें जब आपके पास पैसों का कोई दूसरा इंतजाम न हो। आप अपने खाते में जितना अधिक पैसा छोड़ेंगे, कंपाउंडिंग के जादू से रिटायरमेंट के समय आपको उतना ही बड़ा और शानदार फंड मिलेगा, जो आपके भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाएगा।
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