जज की कुर्सी पर किया 'काला जादू'! कोर्ट पहुंची महिला ने बिखेरे सफेद सरसों के दाने, CCTV से खुला राज

कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर की एक अदालत से ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. यह मामला चिक्कबल्लापुर स्थित प्रथम अतिरिक्त वरिष्ठ सिविल जज एवं जेएमएफसी कोर्ट का है. पुलिस ने बताया कि 65 वर्षीय मंजुला नाम की महिला अदालत परिसर में पहुंची और मौका देखकर सीधे उस जगह चली गई, जहां जज की कुर्सी रखी हुई थी.

उस पर आरोप है कि महिला ने अपने साथ लाए सफेद सरसों के दानों को जज की कुर्सी पर बिखेर दिया. पुलिस का कहना है कि यह किसी कथित तांत्रिक अनुष्ठान या काला जादू से जुड़ी गतिविधि का हिस्सा हो सकता है. उस समय कोर्ट परिसर में मौजूद किसी व्यक्ति को इस हरकत की जानकारी नहीं हुई और महिला वहां से चली गई.

CCTV फुटेज से सामने आया पूरा मामला

घटना के दो दिन बाद अदालत में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई. फुटेज में एक महिला जज की कुर्सी के पास जाती हुई दिखाई दी. वीडियो में कथित तौर पर वह कुर्सी के आसपास कुछ दाने बिखेरती नजर आती है और फिर वहां से निकल जाती है. फुटेज देखने के बाद अदालत प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी.

कोर्ट प्रशासन ने दर्ज कराई शिकायत

अदालत की मुख्य प्रशासनिक अधिकारी नेथ्रा ने इस मामले में पुलिस को लिखित शिकायत दी. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज की जांच की और महिला की पहचान मंजुला के रूप में की. इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. प्रारंभिक जांच के बाद महिला को गिरफ्तार कर लिया गया.

काला जादू विरोधी कानून के तहत दर्ज हुआ केस

पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ कर्नाटक प्रिवेंशन एंड इरेडिकेशन ऑफ इनह्यूमन ईविल प्रैक्टिसेज एंड ब्लैक मैजिक एक्ट, 2017 के तहत मामला दर्ज किया है. यह कानून राज्य में अंधविश्वास, अमानवीय प्रथाओं और काला जादू जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए बनाया गया था. पुलिस का कहना है कि इसी कानून के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजी गई महिला

गिरफ्तारी के बाद मंजुला को अदालत में पेश किया गया. सुनवाई के बाद कोर्ट ने महिला को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला ने ऐसा क्यों किया और क्या वह किसी के कहने पर यह कथित अनुष्ठान करने आई थी या फिर इसके पीछे कोई पर्सनल रीजन था.

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मामले की जांच जारी है. जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि महिला अकेले आई थी या उसके साथ कोई और भी शामिल था. इसके अलावा उसके पास मौजूद सामान और उसके संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की असली वजह साफ हो सकेगी.

सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना मामला

अदालत जैसे संवेदनशील स्थान पर हुई इस घटना की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी काफी चर्चा हो रही है. कुछ लोग इसे अंधविश्वास से जोड़ रहे हैं, जबकि कई यूजर्स का कहना है कि बिना जांच पूरी हुए किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं होगा. वहीं, कई लोगों ने अदालत की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं कि आखिर कोई व्यक्ति इतनी आसानी से जज की कुर्सी तक कैसे पहुंच गया.

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