चीन ने दिखाई दुनिया के पहले छठी पीढ़ी के फाइटर जेट की फोटो, अमेरिका के F-35 से कितना खतरनाक?
चीन ने दुनिया के सबसे खतरनाक और छठी पीढ़ी के ट्रिपल इंजन वाले फाइटर जेट की तस्वीर जारी कर दी है. इस फाइटर जेट को चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन डेवलप कर रही है. इसमें तीन इंजन हैं, इनमें बीच वाला इंजन आसपास लगे अन्य दो इंजनों से बड़ा है. जो तस्वीर साझा की गई है, वो टेकऑफ से पहले की तस्वीर लग रही है.
मिलिट्री वॉच मैग्जीन के मुताबिक, चीन के इस फाइटर जेट को यूरोप J-36 या J-XX के नाम से जानता है. उम्मीद जताई जा रही है कि इसका कॉन्फिग्रेशन सबसे अच्छा होगा. इसे दुनिया का सबसे खतरनाक और साइज में सबसे बड़ा फाइटर जेट बताया जा रहा है. इसकी रेंज करीब 8 हजार किलोमीटर होने की उम्मीद है. इससे प्रशांत महासागर के ऊपर लंबी उड़ाने भरी जा सकेंगी. 4 हजार किलोमीटर से ज्यादा बिना रीफ्यूलिंग के टारगेट को निशाना बनाने में यह एयरक्राफ्ट सक्षम है. इस नई तस्वीर में ट्विन मेन लैंडिंग गियर कॉन्फिग्रेशन के साथ फाइटर जेट को दिखाया गया है.
अमेरिका के फाइटर जेट के लिए तैयार किया जा रहा था ऐसा इंजन
यह उन चार प्रोटोटाइप में से एक है, जिनके बारे में माना जाता है कि उन्होंने फ्लाइट टेस्टिंग शुरू कर दी है. नए डिजाइन का इंजन पहले अमेरिकी F-35 की पांचवी पीढ़ी के फाइटर जेट को मॉर्डनाइज करने के लिए एडिप्टिव इंजन ट्रांजिशन प्रोग्राम के तहत डेवलप किया जा रहा था, लेकिन लागत कम करने के लिए इसे कैंसिल कर दिया गया. इसमें एक एडेप्टिव साइकिल भी होने वाली थी.
अमेरिका के बराबर मानी जाती है चीन की फाइटर इंजन टेक्नोलॉजी
चीन में होने वाले प्रोडक्शन चीनी फाइटर इंजन टेक्नोलॉजी के मामले में अमेरिका के बराबर माने जाते हैं. 15 दिसंबर 2025 में सीरियल J-20 पांचवी जनरेशन के एयर सुपीरियरिटी फाइटर में इंटीग्रेट किया गया था. इसका थ्रस्ट/वेट रेश्यो और फ्यूल एफिशिएंसी F135 के बराबर होने का अनुमान है. यह पश्चिमी दुनिया के एकमात्र प्रोडक्शन में मौजूद F-35 को पावर देता है.
दोनों इंजन पुराने F119 की तुलना में काफी ज्यादा कुशल और शक्तिशाली हैं. यह F-22 पांचवी पीढ़ी के फाइटर को पावर देता है. हाल ही में आई तस्वीरों से उम्मीद है कि इस फाइटर जेट को 2030 के दशक की शुरुआत में सर्विस में लिया जा सकता है. इसके अलावा अमेरिकी वायु सेना के लिए विकसित किया जा रहा प्रतिद्वंद्वी F-47 (छठी जनरेशन) अपनी पहली उड़ान 2028 में भर सकता है.