अयोध्या: राम मंदिर में नमाज पढ़ने वाले मुस्लिम युवक का खुला राज, सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में सामने आई सच्चाई

प्रवेश पांडे/अयोध्या: अयोध्या से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है.  राम मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश के मामले ने जिस तरह पूरे देश का ध्यान खींचा था, अब उसकी जांच ने आशंकाओं पर विराम लगा दिया है.  अयोध्या पुलिस की गहन पड़ताल में साफ हुआ है कि यह कोई साजिश या संदिग्ध गतिविधि नहीं थी, बल्कि एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की असामान्य हरकत थी. 

कहां का रहने वाला है आरोपी?

जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान अब अहद शेख के रूप में हुई है, जो जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले का रहने वाला है.  उसकी उम्र लगभग 55 वर्ष बताई जा रही है.  पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि अब अहद शेख का इलाज वर्ष 2024 से जम्मू मेडिकल कॉलेज में मानसिक रोग के लिए चल रहा है.  अयोध्या पुलिस ने उसकी मेडिकल हिस्ट्री मंगवा ली है. 

पुलिस ने जम्मू पुलिस और सीआरपीएफ के माध्यम से आरोपी का सत्यापन कराया, जिसमें किसी भी प्रकार की आपराधिक पृष्ठभूमि या सुरक्षा से जुड़ी संदिग्ध जानकारी सामने नहीं आई.  इसके बाद जम्मू-कश्मीर के शोपियां से अब अहद शेख का परिवार अयोध्या के लिए रवाना हो गया है.  पुलिस उसे उसके परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया में है. 

कब की है ये घटना?

यह घटना शनिवार की है, जब राम मंदिर परिसर के दक्षिणी परकोटे क्षेत्र में सुरक्षा कर्मियों ने एक व्यक्ति को धार्मिक गतिविधि करते हुए देखा.  स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा बलों ने उसे तत्काल हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की.  घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, खुफिया एजेंसियां और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर सक्रिय हो गए थे.  घटना के बाद एहतियातन अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई.  श्रीराम जन्मभूमि दर्शन मार्ग सहित प्रमुख क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. 

अयोध्या के सीओ आशुतोष तिवारी ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पूरे क्षेत्र को ज़ोन और सेक्टर में बांटा गया है तथा सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की गई है और फिलहाल इसे एकल और असामान्य घटना माना जा रहा है.

 

वहीं, इस मामले को लेकर भारतीय सूफी फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कशिश वारसी का बयान भी सामने आया है.  उन्होंने कहा कि युवक के कश्मीरी होने के कारण प्रारंभिक स्तर पर कई आशंकाएं जताई गईं, हालांकि जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार अब तक किसी भी प्रकार का पाकिस्तान या आतंकी नेटवर्क से जुड़ाव सामने नहीं आया है.