गर्लफ्रेंड को पहाड़ पर ही छोड़कर भागा प्रेमी, ठंड में तड़पकर हो गई मौत; कोर्ट ने ब्वॉयफ्रेंड को सुनाई सजा
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Austria grossglockner mountain death: ऑस्ट्रिया के मशहूर पर्वत ग्रॉसग्लॉकनर पर हुई एक दर्दनाक घटना में अदालत ने 39 साल के थॉमस प्लाम्बरगर को दोषी ठहराया है. उनकी 33 साल की गर्लफ्रेंड केर्स्टिन गुर्टनर की ठंड से मौत हो गई थी. अदालत ने माना कि युवक की लापरवाही इसकी बड़ी वजह बनी है. ये मामला पिछले साल सर्दियों में सामने आया था. दोनों लोग ऑस्ट्रिया की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ाई के लिए निकले थे. लेकिन हालात बहुत खराब थे, तेज हवा चल रही थी, तापमान बेहद नीचे था, ऐसे मौसम में अनुभवहीन व्यक्ति के लिए चढ़ाई करना खतरनाक माना जाता है. इसी वजह से इस मामले ने पूरे देश में बहस छेड़ दी है.
5 महीने की सजा और 9,600 यूरो का जुर्माना
यह फैसला ऑस्ट्रिया के शहर इंसब्रुक की अदालत ने सुनाया है. कोर्ट ने प्लाम्बरगर को गंभीर लापरवाही से हुई गैर इरादतन हत्या का दोषी माना है. उन्हें पांच महीने की सजा दी गई है. यह सजा निलंबित रहेगी. यानी उन्हें तुरंत जेल नहीं जाना होगा. इसके साथ करीब 9,600 यूरो का जुर्माना भी लगाया गया है. भारतीय रुपये में यह रकम लगभग 10.26 लाख बैठती है. अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था. साथ ही उसने किसी अपने को खोया है. इन बातों को राहत देने वाले कारण माना गया. इस पूरे मामले की जानकारी बीबीसी की रिपोर्ट से सामने आई है.
प्लाम्बरगर की थी जिम्मेदारी
सुनवाई के दौरान जज नॉर्बर्ट होफर ने कड़ी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि प्लाम्बरगर एक बहुत अच्छे पर्वतारोही हैं. लेकिन उनकी साथी उनसे बहुत पीछे थीं. जज खुद भी अनुभवी पर्वतारोही हैं. उन्होंने कहा कि लड़की ने पूरी तरह अपने पार्टनर पर भरोसा किया था. वह उसकी देखरेख में थी. अगर समय रहते फैसला बदला जाता. और वापस लौट आया जाता. तो उसकी जान बच सकती थी. जज के मुताबिक सर्दी और मौसम की हालत को देखते हुए दोनों को आगे नहीं बढ़ना चाहिए था.
मदद के लिए चिल्ला रही थी लड़की
कोर्ट में आरोपी की एक पूर्व गर्लफ्रेंड ने भी गवाही दी. उसने बताया कि साल 2023 में इसी पहाड़ पर एक अलग यात्रा के दौरान प्लाम्बरगर ने उसे भी अकेला छोड़ दिया था. वह रो रही थी, मदद के लिए चिल्ला रही थी, लेकिन आरोपी अचानक वहां से चला गया था. इस मामले में अभियोजन पक्ष ने बताया कि 18 जनवरी को दोनों ने चढ़ाई शुरू की थी. वे रात करीब 9 बजे फंस गए थे. लेकिन आरोपी ने पुलिस को सूचना सुबह 1 बजकर 35 मिनट पर दी थी. बचाव दल को लड़की का जमी हुई हालत में शव अगले दिन सुबह करीब 10 बजे मिला था.
अभियोजकों ने बताया कि इस यात्रा की पूरी योजना आरोपी ने बनाई थी. इसलिए उसे जिम्मेदार गाइड माना गया. उस वक्त हवा की रफ्तार करीब 74 किलोमीटर प्रति घंटा थी. महसूस होने वाला तापमान माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका था. इसके बावजूद उसने सर्दियों में स्टुडलग्राट रास्ते से चढ़ाई कराई. जबकि लड़की ने पहले कभी इतनी लंबी और ऊंची पर्वत यात्रा नहीं की थी. अदालत ने कहा कि इतनी जोखिम भरी यात्रा में यह व्यवहार बेहद गैर जिम्मेदार था. यह मामला अब ऑस्ट्रिया के ऑस्ट्रिया के साहसिक पर्यटन और पर्वत यात्राओं में कानूनी जिम्मेदारी को लेकर नई बहस खड़ी कर सकता है.
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