दिल्लीवालों की मौज, DDA ने दिया ऐसा तोहफा, दूर हो जाएंगे कई टेंशन
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DDA News: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अपनी आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले फ्लैट मालिकों को बड़ा तोहफा दिया है. प्राधिकरण ने कुछ नियमों में ढील देने का फैसला लिया है, जिससे लोगों को काफी राहत मिलने वाली है. DDA ने मकानों में अतिरिक्त निर्माण और संशोधन (additions and alterations) से जुड़े नियमों को सरल बना दिया है. संशोधित नीति के तहत अब DDA फ्लैट में रहने वाले लोग इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग प्वाइंट, रूफटॉप सोलर पैनल, दिव्यांगजन के लिए एक्सेसिबिलिटी रैंप सहित कई तरह के बदलाव पहले की तुलना में अधिक आसानी से कर सकेंगे. नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है. इसके लिए प्रक्रिया को भी 3 श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिससे अनावश्यक देरी और प्रशासनिक दिक्कतों में कमी आएगी.
DDA ने अस्थायी ढलानदार छत (टेरेस कवर) और हल्के वजन की छत सामग्री तथा ग्लेजिंग की भी अनुमति दी है. इसके लिए संबंधित प्राधिकरण को केवल सूचना देना पर्याप्त होगा. वहीं, घरेलू उपयोग के लिए रूफटॉप सोलर पैनल लगाने की अनुमति पूर्व स्वीकृति के आधार पर दी जाएगी. इसके लिए नियमों और ऊर्जा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा. ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, संशोधित नीति के तहत कुछ और बड़े बदलावों की भी अनुमति दी गई है. इनमें रसोई, बाथरूम और शौचालयों की अदला-बदली, साझा सीढ़ियों को छत तक बढ़ाकर मुमटी का निर्माण तथा कुछ एक मंजिला और डुप्लेक्स फ्लैटों का पुनर्निर्माण शामिल है. हालांकि, ऐसे कामों के लिए DDA की पूर्व स्वीकृति, भवन की सुरक्षा का प्रमाण और अन्य निर्धारित मानकों का पालन आवश्यक होगा.
विंडो AC और पानी की टंकी लगाना होगा आसान
DDA की नई नीति के अनुसार, फ्लैट मालिक अब केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित पार्किंग स्थलों पर बिना पूर्व अनुमति के ईवी चार्जिंग प्वाइंट लगा सकेंगे. इसके अलावा बिना अनुमति लॉफ्ट बनाना, अतिरिक्त पीवीसी पानी की टंकियां लगाना, दिव्यांगजन की सुविधा के लिए रैंप बनाना, छत पर पानी स्टोरोज की क्षमता बढ़ाना या नई टंकी लगाना, शर्तों के तहत खिड़कियों को अलमारी में बदलना और एग्जॉस्ट फैन या विंडो एयर कंडीशनर लगाने के लिए फ्लैट में आवश्यक बदलाव तैयार करना भी संभव होगा. कुछ मामलों में संबंधित वर्टिकल ब्लॉक के अन्य निवासियों की सहमति भी जरूरी होगी. जहां लागू होगा, वहां प्रस्तावों को रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के माध्यम से भेजना होगा ताकि सामूहिक हितों और भवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
आंगन को लेकर भी राहत
DDA ने अतिरिक्त स्थायी निर्माण से जुड़े प्रावधान भी स्पष्ट किए हैं. स्वीकृति मिलने पर आंगन को पहली मंजिल तक कवर किया जा सकेगा. यदि निचली मंजिल पर आंगन को ढका गया है, तो उसके ऊपर बने टैरेस पर ऊपरी मंजिल के फ्लैट मालिक भी स्वीकृत लेआउट, संरचनात्मक सुरक्षा और निर्धारित नियमों का पालन करते हुए निर्माण करा सकेंगे. पीछे के आंगन में बाथरूम और शौचालय के निर्माण की भी निर्धारित शर्तों के तहत अनुमति दी गई है. नई नीति की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि निर्धारित मानकों के अनुरूप पहले से किए गए अनधिकृत निर्माण या संशोधनों को नियमित कराने का अवसर मिलेगा. यदि अतिरिक्त निर्माण या बदलाव संशोधित नियमों के दायरे में आते हैं, तो फ्लैट मालिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें वैध करा सकेंगे.