क्या शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद भी नहीं थमेगा आंदोलन? बाकी अधूरी मांगों को लेकर आया CJP का जवाब

CJP Student Demands: नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के बाद आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का स्पष्ट कहना है कि केवल इस्तीफे से यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा. CJP ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया है कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा उनकी मुख्य मांगों में से सिर्फ एक था, लेकिन उनकी कई अहम मांगें अभी भी लंबित हैं. जंतर-मंतर पर बैठा छात्रों का समूह और देशभर के युवा अब भी बाकी बची मांगों के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं. जब तक सरकार इन मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक यह आंदोलन पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा. हालांकि अभिजीत दीपके ने इस्तीफे के बाद एक नई मांग की है. 20 जुलाई को हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर RAF और दिल्ली पुलिस सार्वजनिक रूप से माफी मांगे

जंतर-मंतर से संसद तक कैसे गरमाया नीट विवाद?

यह पूरा विवाद मई 2026 में आयोजित हुई नीट यूजी परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के आरोपों के बाद शुरू हुआ था. परीक्षा रद्द होने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर सवाल उठे और इसी आक्रोश से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जन्म हुआ. शुरुआत में एक सोशल मीडिया मंच के रूप में शुरू हुआ यह आंदोलन धीरे-धीरे छात्रों का सबसे बड़ा हथियार बन गया. जंतर-मंतर पर हफ्तों तक चले अनिश्चितकालीन धरने, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की 26 दिनों की भूख हड़ताल और 20 जुलाई को हुए 'संसद मार्च' के दौरान पुलिस लाठीचार्ज ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर गरमा दिया.

CJP की प्रमुख मांगें

  • धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
  • पीड़ित परिवारों को मुआवजा
  • प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई न हो
  • पुलिस की सार्वजनिक माफी

सरकार का रुख और नया ड्राफ्ट बिल

सड़क से लेकर संसद तक विपक्ष के भारी हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सख्त कदम उठाने का भरोसा दिया. 24 जुलाई को केंद्रीय कैबिनेट ने पेपर लीक और धांधली को रोकने के लिए एक कड़े ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दी, जिसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट और सख्त सजा का प्रावधान है. इसके अलावा, सरकार ने मुआवजा देने और छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने पर सैद्धांतिक सहमति तो जताई है, लेकिन CJP का मानना है कि जब तक लिखित और आधिकारिक आदेश जारी नहीं होते, तब तक आंदोलन वापस लेने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता.

आंदोलन का भविष्य और आगे की राह

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों और युवाओं की एक बड़ी ऐतिहासिक जीत माना जा रहा है. इसके बावजूद, जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन और उत्साह बना हुआ है. CJP के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे न्याय की इस लड़ाई को अधूरी छोड़कर पीछे नहीं हटेंगे. आपको बता दें कि आज 3.30 बजे केंद्रीय मंत्रियों और सीजेपी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक होने वाली थी लेकिन इस्तीफे के बाद अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये बैठक होगी की नहीं.